एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारत बना फ्रीस्टाइल टीम चैंपियन

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नयी दिल्ली,(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर 23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल टीम निर्विवाद चैंपियन बनी। टीम ने शानदार प्रथम स्थान हासिल करते हुए टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। फ्रीस्टाइल रैंकिंग में भारत का दबदबा रहा और उसने कुश्ती की दुनिया के दिग्गज देशों – किर्गिस्तान और कजाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। किर्गिस्तान और कजाकिस्तान क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
फ्रीस्टाइल में मिली इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पूरे भारतीय दल का शानदार महाद्वीपीय अभियान भी समाप्त हो गया। इस अभियान में भारत ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती और ग्रीको-रोमन श्रेणियों में कुल 27 पदक हासिल किए, जिनमें 11 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।
चैंपियनशिप जीतने वाली फ्रीस्टाइल टीम ने अपने अभियान का समापन 9 पदकों के साथ किया, जिनमें 4 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। अक्षय टी. धेरे (57 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने शानदार स्वर्ण पदक जीतकर अभियान की शुरुआत की। इस लय को कुमार मोहित (65 किग्रा) और चंद्रमोहन (79 किग्रा) ने आगे बढ़ाया, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। दीपक राठी (61 किग्रा), पुनीत कुमार (92 किग्रा) और लकी (125 किग्रा) ने कड़े मुकाबले में रजत पदक जीतकर इस ऐतिहासिक टीम खिताब में अपना योगदान दिया। वहीं, दीपक बेरवाल (74 किग्रा) और मोर सचिन (82 किग्रा) ने कांस्य पदक जीतकर फ्रीस्टाइल पदकों की संख्या को पूरा किया। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा, “अंडर 23 एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी जीतना भारतीय कुश्ती के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। हमारे फ्रीस्टाइल पहलवानों ने बेजोड़ दृढ़ संकल्प और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे कुश्ती के शीर्ष देशों को पीछे छोड़ दिया।” उन्होंने आगे कहा, “तीनों शैलियों में हमारे एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाने के लिए मैं हमारे सभी पदक विजेताओं, कोचों और सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई देता हूं।” पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत की महिला पहलवानों का प्रदर्शन भी उतना ही प्रभावशाली रहा। उन्होंने असाधारण प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए। महिलाओं की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह गोल्ड मेडल जीते। मुस्कान (53), तपस्या (57), भाग्यश्री (62), पुलकित (67), मानसी (68), और काजल (76) ने अपने-अपने टाइटल मुकाबलों में अपनी बेहतरीन तकनीकी काबिलियत का प्रदर्शन किया। नेहा (59) और स्वीटी (50) ने बहादुरी से लड़ते हुए सिल्वर मेडल हासिल किए, जबकि अमृता (72) और अहिल्या (55) ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई। ग्रीको-रोमन कैटेगरी में, भारतीय पहलवानों ने टूर्नामेंट की शुरुआत में ही आठ मेडल जीतकर एक मज़बूत नींव रखी। सुमित ने 63किग्रा वर्ग में शानदार गोल्ड मेडल जीतकर टीम की अगुवाई की, जिसमें सूरज (60) और सागर सिंह (67) ने सिल्वर मेडल जीतकर उनका साथ दिया। नीरज पटेल (55), सचिन (77), रोहित बुरा (87), रोहित (97) और हरदीप (130) ने भी अपनी मेहनत से ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर इस शानदार उपलब्धि में अपना योगदान दिया। अंडर 23 प्रतियोगिता के बेहद सफल समापन के बाद, अब सभी का ध्यान सब-जूनियर टीम पर होगा। अंडर 17 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप कल से इसी जगह, दा नांग में शुरू होने वाली है, जिसके शुरुआती मुकाबले सुबह 10 बजे से शुरू होंगे।

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