Tuesday, June 2, 2026
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राममंदिर में अंकित होगी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन की संघर्ष गाथा

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)अयोध्या । उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की तीसरे दिन की बैठक रामकथा संग्रहालय में शुरू हो गई है। बैठक में जाते समय निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने पत्रकारों से कहा कि राममंदिर में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन की संघर्ष गाथा भी अंकित होगी। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं अंकित किया जाएगा।
बैठक के पहले भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष निपेंद्र मिश्रा ने बैठक के एजेंडे की दी जानकारी। कल की बैठक पर हुई चर्चाओं को लेकर विस्तार से पत्रकारों का जानकारी देते हुए श्री मिश्र ने कहा कि निर्माण समिति की बैठक में मुख्य रूप से परकोटा और लोअर प्लिंथ को लेकर हुई समीक्षा हुई है। लोअर प्लिंथ में लगाए जाने वाले राम कथा के स्टोन म्यूरल पर विस्तार से सभी बिंदुओं पर केंद्रित विचार विमर्श किया गया। उन्होंने ने कहा कि 1 सितंबर से राम मंदिर में तीन लिफ्ट लगाई जाने का कार्य हो शुरू, हो जाएगा जल्द ही जो लिफ्ट लगनी है वह राममंदिर में पहुंच जाएगी।अयोध्या पहुंचेगी। उन्होंने ने कहा कि परकोटा में 45000 क्यूबिक फीट पत्थर अभी लगना शेष है।
उन्हाेंने बताया कि 6 सप्ताह में परकोटे में पत्थर लगाए जाने का कार्य भी पूर्ण हो जाएगा। राम मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगाए जाने वाली कथा कृति अयोध्या पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि म्यूरल्स लगाए जाने को लेकर थोड़ी सी चूक हुई है म्यूरल लगवाने में ऊपर की तरफ लगाई जाने वाली रेलिंग का ध्यान नहीं रखा गया था। उन्होंने कहा कि म्यूरल्स लगाने का काम भी सितंबर के आखिरी या अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक समाप्त हो जाएगा।
निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर में राम मंदिर संघर्ष में शहीद के स्मारक बनाए जाने को लेकर उसके स्थान का कल की बैठक में चयन हो गया। जहां पर राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा अशोक सिंघल ने राष्ट्र से आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया था उसी स्थान पर शहीदों का स्मारकस्थापित किया जाएगा।
श्री मिश्र ने बताया कि अस्थाई राम मंदिर को भी संरक्षित किया जा रहा है उसका निर्माण कार्य पहले शुरू हो चुका है। अस्थाई राम मंदिर लकड़ी से निर्मित हो रहे हैं जैसे अस्थाई राम मंदिर बना था उसी रूप में बन रहा है। उन्होंने कहा कि अस्थाई मंदिर को शीशे के आवरण से कवर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी बैठक में शहीद स्मारक और अस्थाई मंदिर को संरक्षित करने के प्रमुख कार्यों पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के भूमि पूजन को शिला पर प्रदर्शित किया जा रहा है। जिसमें केवल प्रधानमंत्री के द्वारा किए गए भूमि पूजन का उल्लेख होगा, इसके अलावा किसी भी शहीद स्मारक पर किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राम मंदिर राष्ट्र का है एकमात्र मंदिर इसमें सभी का सहयोग है। राम मंदिर की भूमि पूजन में प्रधानमंत्री के द्वारा लिखा हुआ पत्थर यात्री सुविधा केंद्र पर जल्द ही किया स्थापित जायेगा।

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