उप्र के 1.40 लाख से अधिक स्कूलों का होगा सेफ्टी ऑडिट

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लखनऊ(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट एवं जोखिम आकलन (रिस्क असेसमेंट) कराने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत राज्य के 1,40,555 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट, माध्यमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया है। सरकार का उद्देश्य लाखों विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित और संरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में विद्यालयों का वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के आधार पर निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विद्यालय भवनों की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, आपदा प्रबंधन की तैयारी, स्वच्छता सुविधाएं, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था तथा परिसर की समग्र सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही संभावित जोखिमों की पहचान कर उनके निवारण के लिए विस्तृत सुझाव भी तैयार किए जाएंगे।
इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल के माध्यम से चयनित एजेंसी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) के साथ समझौता किया। इस अवसर पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा सुरेंद्र कुमार तिवारी, निदेशक बेसिक शिक्षा प्रताप सिंह बघेल तथा बीसीसीएल के मुख्य व्यवसाय अधिकारी कुलदीप पाठक और मुख्य प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रमुख बृजेश कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल सुरक्षा मानकों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यालयों में सुरक्षा जागरूकता और जोखिम प्रबंधन की दीर्घकालिक व्यवस्था विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का विश्वास मजबूत होगा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
सेवा प्रदाता एजेंसी प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षा संबंधी जोखिमों की पहचान कर सुधारात्मक उपायों की अनुशंसा करेगी, जिससे भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों के लिए सुरक्षित शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालय में सुरक्षा के उच्चतम मानक स्थापित करना है। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को छात्र-केंद्रित एवं सुरक्षित स्कूली शिक्षा के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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