(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
गौतमबुद्धनगर । उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एयरपोर्ट एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी (एईएमसी), एरोड्रोम कमेटी (एसी) एवं एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लानिंग कमेटी (एईपीसी) के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में समितियों के अधिकारियों ने पावर प्वॉइंट प्रजेंटेशन प्रस्तुत कर एयरपोर्ट की अब तक की कार्य योजना एवं प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान कहा गया हवाई अड्डे के 20 किमी के दायरे में बिना एनओसी किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखी जाए तथा जलभराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पक्षियों एवं आवारा जानवरों की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए, ताकि विमान संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। ड्रोन एवं लेजर जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
आपातकालीन परिस्थितियों की तैयारी पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि एईएमसी, एसी एवं एईपीसी समितियों तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन योजनाओं, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन एवं बचाव कार्य, पुलिस सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा संगठनों की भागीदारी तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट का सुरक्षित संचालन एवं आपदा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय पर प्रगति से अवगत कराते रहें ताकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एवं सुरक्षित एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा सके।





