Tuesday, June 2, 2026
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विदिशा कलेक्टर ने की लंबित आवेदनो की समीक्षा, अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

ऑनलाइन कार्यक्रम में पहले से तय विषय का एक भी मामला आया तो होगी कार्यवाई
(24×7 न्यूजटाइम संवाददाता)
विदिशा। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सोमवार को लंबित आवेदनो की समीक्षा की। उन्होंने समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम में शामिल विषयों पर आधारित दर्ज सीएम हेल्पलाइन आवेदनो के निराकरणो पर विशेष बल दिया है। उन्होंने बताया कि गुरूवार 28 अगस्त को आयोजित समाधान ऑन लाइन कार्यक्रम में पूर्व तय विषयों से संबंधित जिले के एक भी प्रश्न शामिल ना होने पाएं ऐसा समाधान विभागीय अधिकारी कराना सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर ने समीक्षात्मक बैठक में सीएम हेल्पलाइन के पचास व सौ दिवस की शिकायतो की भी विभागवार समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश स्तरीय जारी रैकिंग सूची में विभागो की क्या-क्या रैंक है कि जानकारी संबंधित विभागो के अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के आवेदनो को विभागीय अधिकारी हल्के में ना लें अन्यथा कार्यवाही के स्वंय दोषी होंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं में संबंधित विभागों के माध्यम से लाभ दिलाया जाना है अतः हितग्राहियों के आधार कार्ड, ईकेवायसी, डीबीटी सहित अन्य तकनीकी समस्याआंें का समाधान पूर्व में ही कराया जाना सुनिश्चित करें ताकि हितग्राही द्वारा योजना के हितलाभ हेतु आवेदन के दौरान दस्तावेंजो की पूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी ना हो पाए। टीमवर्क की भावना से सभी विभाग तकनीकी समस्याओं का समाधान कर पात्रताधारको को लाभ दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोडेंगे। कलेक्टर ने लंबित आवेदनो की समीक्षा के दौरान जिले में क्रियान्वित विभिन्न अभियानो की अद्यतन प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने धरती आबा अभियान के तहत आयोजित होने वाले शिविरो मंे जिलाधिकारियों की उपस्थिति के संबंध में पूछताछ की और कहा कि जब तक चिन्हित सभी 86 ग्रामो में शत प्रतिशत हितग्राहियों को पात्रता योजना का लाभ नहीं दिलाया जाएगा तब तक इस प्रकार के शिविर आयोजित होते रहेंगे। अतः विभागीय जिलाधिकारियों का यह नैतिक दायित्व है कि वे स्वंय शिविरो की मानिटरिंग का विभागीय योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत समय सीमा में दिलाना सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने स्वंतत्रता दिवस 15 दिवस पर आयोजित विशेष ग्राम सभा में संपादित किए गए कार्याे की भी जानकारी प्राप्त की है। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए है कि सभी विभागो के जिलाधिकारियों को ग्राम पंचायते आवंटित की जाए ताकि जिलाधिकारी भ्रमण कर संबंधित ग्राम पंचायत व अधीनस्थ गांव में शासन की योजनाओं की जानकारी तथा स्थानीय रहवासियों की मूलभूत समस्याओं से अवगत होकर समाधान की पहल गांव में हो सकें के प्रबंधो का क्रियान्वयन अन्य विभागो के माध्यम से कराया जा सकें। कलेक्टर ने उपरोक्त समीक्षात्मक बैठक के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिले मेें कहीं भी खाद की कालाबाजारी ना हो और निर्धारित दर पर ही विक्रय हो। इसके अलावा शासकीय मोहर हरेक खाद की बोरी पर अनिवार्य रूप से लगाई जाए ताकि इस बात का पता चल सकें कि खाद की बोरी जिले में कहां से क्रय की गई है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सभी विभागो के अधिकारियों को निर्देश्ति किया है कि जनवरी 2024 के बाद शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में हुए नवाचारो, लाभांवित हितग्राहियो तथा विभागीय अन्य कार्याे के साथ-साथ निर्माण कार्याे की जानकारियां अपर कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को उपलब्ध कराएं। बैठक में आयुष्मान कार्ड, उचित मूल्य दुकानो के अनाज अग्रिम उठाव, जल निगम के कार्य, सड़को की मरम्मत, जीर्णशीर्ण भवनो व पानी की टंकियो के संबंध में संपादित किए गए कार्य, समेत अन्य बिन्दुओं पर जानकारियां प्राप्त की है। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोड़िया समेत विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद रहे। जबकि खण्ड स्तरीय अधिकारियो से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से संवाद किया गया है।

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