(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ की सख्त टिप्पणियों के बाद राजधानी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन का चिन्हीकरण कर लिया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए, जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी ने बताया कि बख्शी का तालाब के नगवामऊ गांव में 4.597 हेक्टेयर की जमीन प्रस्तावित की गई है। कहा, चूंकि यह जमीन नगर निगम की सीमा से बाहर है इसलिए नगर निगम से अनापत्ति की भी कोई आवश्यकता नहीं है। इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश उत्कर्ष सेवा संस्थान की ओर से वर्ष 2016 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याची के अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने बताया कि शहर के कई इलाकों में पीने के पानी की समस्या पर वर्तमान याचिका दाखिल की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट को जल निगम के एमडी रमाकांत पांडेय ने बताया कि अब इस मामले में सेंट्रल वाटर कमीशन व सिंचाई विभाग को आवश्यक तकनीकी चीजें देखनी हैं। इस पर कोर्ट ने सेंट्रल वाटर कमीशन व सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को पक्षकार बनाने का आदेश दिया। वहीं न्यायालय ने प्रमुख सचिव नगर विकास को भी पक्षकार बनाने का आदेश देते हुए, उनसे हलफ़नामा तलब किया है।





