Tuesday, June 2, 2026
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औद्योगिक व ऊर्जा क्रांति का आधार बनेगी नई हाइड्रोजन निर्माण इकाई : मुख्यमंत्री

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुरैना के पिपरसेवा में हो रहा हाईड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन नई औद्योगिक क्रांति, नई ऊर्जा क्रांति और नए मध्यप्रदेश की नींव है। मुरैना की ऐतिहासिक धरती पर स्थापित हो रही यह इकाई ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनेगी।
डॉ. यादव रविवार को जिले के पिपरसेवा में जीएचटू सोलर लिमिटेड की हाईड्रोजन निर्माण इकाई के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि चंबल की भूमि उपजाऊ और कमाऊ होने के साथ ही टिकाऊ भी है। मुरैना जो कभी बीहड़ों के कारण जाना जाता था, आज विकास और प्रगति की नई पहचान बना रहा है। मुरैना अब सिर्फ कृषि प्रधान जिला नहीं रहा बल्कि औद्योगिक हब के रूप में भी उभर रहा है। मुरैना की गजक ग्लोबली ट्रेंड हो रही है। देश की संसद के पुराने भवन का डिजाइन भी मुरैना के मितावली मंदिर से लिया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों, गरीबों और लघु उद्यमियों के लिए स्वदेशी की लड़ाई लड़ रहे हैं। राज्य सरकार और प्रदेशवासी पूरी प्रतिबद्धता से उनके साथ हैं। मुरैना में आरंभ हो रही हाईड्रोजन इकाई में कोरिया और ब्रिटेन की अग्रणी कम्पनियां तकनीकी सहयोग कर रही हैं। निकट भविष्य में इससे ग्रीन हाईड्रोजन का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, साथ ही रोजगार के कई अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। सात एकड़ भूमि पर बनने वाली यह परियोजना पूरे देश को ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी दुनिया में एक नए आत्मविश्वास और क्षमता के साथ उभर रहा है। जी20 की सफल अध्यक्षता हो, इंडिया-मीडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमी कॉरिडोर जैसी ऐतिहासिक पहल हो या यूनाईटेड किंगडम के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, हर जगह भारत केवल सहभागी नहीं बल्कि मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में खड़ा है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हम श्री मोदी के नेतृत्व में तेजी से तीसरे स्थान की ओर अग्रसर हैं। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने भारत को 21वीं सदी की वैश्विक विकास यात्रा का इंजन बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र इतिहास और संस्कृति के प्रतीक होने के साथ निवेश, नवाचार और ग्रीन एनर्जी का भी केन्द्र हैं। यहां उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक सभी का संगम है। हाल ही में ग्वालियर में हुई रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस क्षेत्र में अप्रैल 2024 से अब तक 220 इकाइयों को भूमि आवंटित हुई है। इनमें 12,500 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा, जिससे 21 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सीतापुर में फुटवियर एंड एक्सेसरीज क्लस्टर का विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें लगभग 300 करोड़ रूपए का निवेश और 1,200 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मालनपुर में एलेक्ज़र इंडस्ट्रीज ने 1,500 करोड़ रूपए का निवेश किया है। गौतम सोलर प्रायवेट लिमिटेड 4,000 करोड़ रुपए के निवेश से सोलर सेल निर्माण इकाई स्थापित कर रही है। राज्य सरकार ने ग्वालियर-चंबल में औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों की श्रृंखला विकसित की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही प्रदेश के किसानों के लिए बड़ा आयोजन होने वाला है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग केलिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुरैना के विकास के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है। चंबल क्षेत्र में चमड़ा पार्क की स्थापना हुई है, जिसके लिए उद्योग समूहों द्वारा रूचि प्रकट की जा रही है।
इस कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, ग्रीन हाईड्रोजन फैक्ट्री के सूत्रधार अनुराग जैन सहित अनेक उद्यमी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

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