Tuesday, June 2, 2026
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विदिशा के वैभवशाली अतीत पर आधारित पुस्तक ‘‘बोलते पत्थर’’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

बोलते पत्थर विदिशा के वैभवशाली अतीत का एक पुख्ता दस्तावेज होने के साथ, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहद उपयोगी साबित होगी
(24×7 न्यूजटाइम संवाददाता)
विदिशा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर विदिशा के वैभवशाली अतीत पर आधारित पुस्तक ‘‘बोलते पत्थर’’ का विमोचन किया। यह पुस्तक विदिशा के वरिष्ठ पत्रकार गोविंद सक्सेना द्वारा लिखित है। मुख्यमंत्री ने लेखक श्री सक्सेना के प्रयासों और परिश्रम की सराहना करते हुए इसे समाजोपयोगी बताया। इस अवसर पर लेखक गोविंद सक्सेना ने पुस्तक के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से बताया। विमोचन अवसर पर जनसंपर्क आयुक्त डॉ सुदाम खाड़े समेत अनेक अधिकारी मौजूद थे। पुस्तक के बारे में…. विदिशा जिले के वैभवशाली इतिहास, पुरातत्व, शिल्प और संस्कृति पर केंद्रित और वरिष्ठ पत्रकार गोविंद सक्सेना की करीब 30 वर्ष की सक्रिय पत्रकारिता के साथ ही उनकी इतिहास और पुरातत्व में गहरी रुचि के परिणाम स्वरूप तैयार हुई यह पुस्तक ‘‘बोलते पत्थर’’ जिले के अतीत की तथ्यात्मक और प्रामाणिक जानकारियों का बेहतरीन दस्तावेज है। लेखक ने पुस्तक में अतीत के पन्नों को रोचक जानकारी के साथ बखूबी उकेरा है। इस पुस्तक में कुल 280 पृष्ठ हैं। पुस्तक ‘बोलते पत्थर’ में संपूर्ण विदिशा जिले के महत्वपूर्ण स्थलों के छुए, अनछुए पहलुओं का समावेश है। इसके साथ ही विदिशा के निकटवर्ती प्रसिद्ध स्मारकों सांची के बौद्ध स्तूपों, मुरेल खुर्द के स्तूपों सहित ऐरण के गुप्त कालीन स्मारकों को भी पूरी शिद्दत से शामिल किया गया है। यह पुस्तक बोलते पत्थर खासकर नई पीढ़ी, छात्र/ छात्राओं को अपने अतीत की तथ्यात्मक और रोचक जानकारी से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहद उपयोगी होगी। इस पुस्तक के माध्यम से यह प्रतीत होता है कि लेखक ने विदिशा के वैभवशाली अतीत का एक पुख्ता दस्तावेज बनाने का सफल प्रयास किया है।

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