(24×7 न्यूजटाइम संवाददाताा)
लखनऊ। बाराबंकी की घटना के बाद उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में संचालित कोर्सों की मान्यता के जांच के आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं।
इस बीच प्रदेश के उच्च शिक्षा योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि राजकीय विश्वविद्यालयों की तर्ज पर निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए अलग से पोर्टल तैयार किया जाएगा। जिस पर उनसे सम्बंधित सभी जानकारी अपलोड रहेगी।
श्री उपाध्याय ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज की मान्यता संबंधी प्रक्रिया के जांच के आदेश के बाद सरकार अब एक और ठोस कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेज के कोर्स की जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने समर्थ पोर्टल को लांच किया है। उसी तर्ज पर अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी और निजी शिक्षण संस्थानों के डाटा को एक जगह एकत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार अपना एक पोर्टल तैयार करेगी।
उन्होने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले कुछ महीनो में यह पोर्टल बनकर तैयार करा रही है। इस पोर्टल पर सभी निजी विश्वविद्यालय को अपने यहां संचालित शैक्षणिक कोर्स, शिक्षकों का डाटा, कोर्स की फीस सभी तरह की जानकारियां इस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के लांच होने के साथी प्रदेश के निजी यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेज के सभी डेटा को आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।
इससे पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री स्तर पर जारी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की सघन जांच के लिए मण्डलायुक्तों को प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग जांच टीम गठित करनी होगी। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं मंडलायुक्त करेंगे। जांच टीम में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक पुलिस अधिकारी वह एक शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। जांच के दौरान टीम द्वारा सभी शैक्षणिक संस्थानों से मान्यता प्राप्त कोर्स संचालित करने का शपथ पत्र लिया जाएगा। प्राप्त शपथ पत्र के आधार पर सभी कोर्सों की सूची और मान्यता पत्र की प्रति शैक्षणिक संस्थाओं को जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जांच के दौरान बगैर मान्यता के चल रहे कोर्सों पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा अवैध कोर्स या फर्जी प्रवेश मिलने पर संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। वही किसी संस्थान द्वारा निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत मिलने पर शुल्क की वापसी संस्थान को ब्याज सहित करनी होगी।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर देर शाम मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी घटनाक्रम के साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में व्याप्त अराजकता और शिक्षा में गुणवत्ता लाने जैसे विषयों पर मुख्यमंत्री से अभाविप ने चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।





