Tuesday, June 2, 2026
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चार राज्यों में 71,850 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन,शिलान्यास करेंगे मोदी

 (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों के तीन दिन के दौरे के दौरान मिजोरम, मणिपुर, असम और बिहार में आर्थिक सामाजिक अवसंरचना क्षेत्र की 71,850 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार से शुरू हो रहे इस दौरे के आखिरी दिन सोमवार को पश्चिम बंगाल भी जाएंगे और कोलकाता में सशस्त्र सेनाओं के कमांडरों के 16वें संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
श्री मोदी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के बारे में अपनी मंत्रिपरिषद के सहयोगी अश्विनी वैष्णव के एक लेख को टैग करते हुए लिखा जिसमें बताया गया है कि कैसे पूर्वोत्तर देश में अग्रणी बन रहा है। श्री वैष्णव ने लिखा है कि मिजोरम में बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का शुरू होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह मिज़ोरम को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ता है तथा व्यापार, संपर्क और अवसरों के नए द्वार खोलता है। इस लाइन का प्रधानमंत्री शनिवार को उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार श्री मोदी शनिवार को सुबह 10 बजे मिजोरम की राजधानी आइजोल में एक समारोह में रेलवे, सड़क मार्ग, ऊर्जा, खेल सहित कई क्षेत्रों की परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इसमें 8,070 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे। इससे मिज़ोरम की राजधानी पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ जायेगी। इस रेल लाइन परियोजना में 45 सुरंगें बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें 55 बड़े पुल और 88 छोटे पुल भी शामिल हैं।
यह लाइन मिज़ोरम और देश के बाकी हिस्सों के बीच लोगों को सुरक्षित, कुशल और किफ़ायती यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी। इससे खाद्यान्न, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन भी आसान और सस्ता होगा।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों, सैरांग (आइजोल)-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस मिज़ोरम और असम के बीच आवाजाही को सुगम बनाएगी। सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस मिज़ोरम को सीधे कोलकाता से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री मिजोरम में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए, प्रधानमंत्री कई सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें आइज़ोल बाईपास रोड, थेनज़ोल-सियालसुक रोड और खानकाउन-रोंगूरा रोड शामिल हैं।
वह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास पहल (पीएम-डिवाइन) योजना के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 45 किलोमीटर लंबी आइजोल बाईपास सड़क का उद्देश्य आइजोल शहर को भीड़भाड़ से मुक्त करना और लुंगलेई, सियाहा, लॉन्ग्टलाई, लेंगपुई हवाई अड्डे और सैरांग रेलवे स्टेशन आदि से संपर्क में सुधार करना होगा। इससे दक्षिणी जिलों से आइजोल तक यात्रा का समय लगभग 1.5 घंटे कम हो जाएगा। पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना एनईएसआईडीएस (सड़क) के तहत थेनजोल-सियालसुक रोड से कई बागवानी किसानों, ड्रैगन फल उत्पादकों, धान की खेती करने वालों और अदरक प्रसंस्करणकर्ताओं को लाभ होगा, साथ ही आइजोल-थेनजोल-लुंगलेई राजमार्ग के साथ संपर्क मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री लॉन्ग्टलाई-सियाहा रोड पर छिमटुईपुई नदी पुल का भी शिलान्यास करेंगे। यह सभी मौसमों में संपर्क प्रदान करेगा और यात्रा के समय को दो घंटे कम करेगा। यह पुल कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ढांचे के तहत सीमा पार व्यापार को भी बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री खेल विकास के लिए खेलो इंडिया बहुउद्देशीय इंडोर हॉल की आधारशिला रखेंगे। तुइकुआल में बनायी जाने वाली यह सुविधा एक बहुउद्देशीय इनडोर क्षेत्र सहित आधुनिक खेल सुविधा केंद्र होगा जिससे मिज़ोरम के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए लाभ और प्रोत्साहन मिलेगा।
क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना को मज़बूत करते हुए, प्रधानमंत्री आइज़ोल के मुआलखांग में 30 हज़ार मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाले एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखेंगे। इसका उद्देश्य मिज़ोरम और पड़ोसी राज्यों में एलपीजी की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना और स्वच्छ रसोई ईंधन तक आसान पहुँच सुनिश्चित करना है। इससे स्थानीय रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) योजना के तहत कवरथा में आवासीय विद्यालय का भी उद्घाटन करेंगे। मामित आकांक्षी ज़िले में स्थित इस विद्यालय में आधुनिक कक्षाएँ, छात्रावास और कृत्रिम फ़ुटबॉल मैदान सहित खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे 10,000 से ज़्यादा बच्चों और युवाओं को लाभ होगा और दीर्घकालिक सामाजिक एवं शैक्षिक प्रगति की नींव रखी जाएगी। वह त्लांगनुआम में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का भी उद्घाटन करेंगे। यह विद्यालय आदिवासी युवाओं को समग्र शिक्षा के अवसर प्रदान करेगा।
श्री मोदी वहां से मणिपुर जाएंगे और पहले चूड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें 3,600 करोड़ रुपये से अधिक की मणिपुर शहरी सड़कें, जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना; 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ; मणिपुर इन्फोटेक विकास (MIND) परियोजना, 9 स्थानों पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास आदि शामिल हैं।
वहां से प्रधानमंत्री मणिपुर की राजधानी इम्फाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें मंत्रीपुखरी में सिविल सचिवालय, मंत्रीपुखरी में आईटी एसईजेड भवन और नया पुलिस मुख्यालय, दिल्ली और कोलकाता में मणिपुर भवन,और चार जिलों में महिलाओं के लिए अनूठा इमा मार्केट शामिल हैं।
श्री मोदी शनिवार को ही मणिपुर से गुवाहाटी पहुचेंगे और वहां भारत रत्न डॉ. भूपेन हज़ारिका की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेंगे। यह समारोह डॉ. हज़ारिका के जीवन और विरासत का सम्मान करेगा, जिनका असमिया संगीत, साहित्य और संस्कृति में योगदान अद्वितीय है।
अगले दिन 14 सितंबर को प्रधानमंत्री असम में 18,530 करोड़ रुपये से अधिक की प्रमुख बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। श्री मोदी वहां दरांग में कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे जिनमें दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज , गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना और ब्रह्मपुत्र नदी पर कुरुवा-नरेंगी पुल परियोजना शामिल है।
श्री मोदी नुमालीगढ़ में प्रधानमंत्री नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में असम बायोएथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट की आधारशिला भी रखेंगे।
श्री मोदी 15 सितंबर सोमवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और कोलकाता में 16वें संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन और संबोधन करेंगे। यह सम्मेलन सशस्त्र बलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच परस्पर विचार-मंथन का महत्वपूर्ण मंच होता है। हर दो साल में एक बार आयोजित होने वाला 16वां संयुक्त कमांडर सम्मेलन 15 से 17 सितंबर तक कोलकाता में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय है ‘सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन’।
वहां से उसी दिन प्रधानमंत्री बिहार के दौरे पर जाएंगे और बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ करेंगे। यह बोर्ड उत्पादन और नई तकनीक के विकास को बढ़ावा देगा, फसलोत्तर प्रबंधन को मज़बूत करेगा, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगा, तथा मखाना के बाज़ार, निर्यात और ब्रांड विकास को सुगम बनाएगा, जिससे बिहार और देश के मखाना किसानों को लाभ होगा।देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार का योगदान लगभग 90 प्रतिशत है।
राज्य के मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, किशनगंज और अररिया जैसे प्रमुख ज़िले मखाना उत्पादन के प्राथमिक केंद्र हैं।
बिहार में प्रधानमंत्री पूर्णिया में हवाई अड्डे के न्यू सिविल एन्क्लेव में अंतरिम टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और 36,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। वह भागलपुर के पीरपैंती में 800-800 मेगावाट की तीन इकाइयों वाली निजी क्षेत्र की ताप विद्युत परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा 25,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसे अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल, कम उत्सर्जन वाली तकनीक पर डिज़ाइन किया गया है। यह परियोजना समर्पित बिजली प्रदान करेगी और बिहार की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगी।
प्रधानमंत्री 2680 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कोसी-मेची अंतर-राज्यीय नदी संपर्क परियोजना के पहले चरण का शिलान्यास करेंगे। इसके जरिये इसकी जल-निकासी क्षमता को 15,000 क्यूसेक से बढ़ाकर 20,000 क्यूसेक किया जाएगा। इससे पूर्वोत्तर बिहार के कई जिलों को सिंचाई विस्तार, बाढ़ नियंत्रण और कृषि लचीलापन का लाभ मिलेगा।
रेल सम्पर्क में सुधार लाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री बिहार में रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे तथा कई रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री बिक्रमशिला-कटारिया के बीच 2,170 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेल लाइन की आधारशिला रखेंगे, जो गंगा नदी के पार सीधा रेल संपर्क प्रदान करेगी। इससे गंगा के पार सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा और क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।
वह अररिया-गलगलिया (ठाकुरगंज) के बीच 4,410 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे और इस खंड पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे जिससे अररिया और किशनगंज जिलों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा पूर्वी बिहार को फायदा होगा। वह जोगबनी और दानापुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना जैसे जिलों को सीधा लाभ होगा।
श्री मोदी सहरसा और छेहरटा (अमृतसर) तथा जोगबनी और इरोड के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे । वह पूर्णिया में सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा का भी उद्घाटन करेंगे। यह राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत एक अत्याधुनिक वीर्य केंद्र है, जो सालाना पांच लाख सेक्स सॉर्टेड सीमेन खुराक का उत्पादन करने में सक्षम है। बछियों के जन्म की संभावना बढ़ाकर, यह तकनीक छोटे, सीमांत किसानों और भूमिहीन मजदूरों को अधिक प्रतिस्थापन बछिया प्राप्त करने, आर्थिक तनाव कम करने और बेहतर डेयरी उत्पादकता के माध्यम से आय बढ़ाने में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत 35,000 ग्रामीण लाभार्थियों और पीएमएवाई (शहरी) के तहत 5,920 शहरी लाभार्थियों के लिए आयोजित गृह प्रवेश समारोह में भी भाग लेंगे और कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे।
प्रधानमंत्री बिहार में डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत क्लस्टर स्तरीय फेडरेशनों को लगभग 500 करोड़ रुपये के सामुदायिक निवेश कोष भी वितरित करेंगे तथा कुछ सीएलएफ अध्यक्षों को चेक सौंपेंगे।

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