(24×7न्यूजटाइम संवाददाता )
रायसेन। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक राष्ट्र एक चुनाव पर रायसेन जिले के जन-प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा। रायसेन की सभी पंचायत, परिषद, पालिका और जिला पंचायत ने एक राष्ट्र एक चुनाव कराने का संकल्प पारित किया। जिनमें 1 जिला पंचायत, 7 जनपद पंचायत, 521 पंचायत, 3 नगर पालिका और 9 नगर परिषद शामिल हैं। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि रायसेन देश का पहला जिला बन गया है जिसने एक राष्ट्र-एक चुनाव का पूर्ण समर्थन किया है।
इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि, रायसेन जिला एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए एकजुट है। आज रायसेन जिले के सभी जन-प्रतिनिधियों ने अलग-अलग प्रस्ताव पारित किए हैं कि, एक राष्ट्र-एक चुनाव ही देश के हित में हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री जी का ये संकल्प पूरा होना चाहिए, जब जन-प्रतिनिधि प्रस्ताव दे रहे थे तो वो केवल जन-प्रतिनिधि नहीं थे, वह जिले की सारी जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत रविवार को रायसेन जिले में कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने भोपाल मार्ग स्थित खरवई के पास चिड़िया टोल पर पौधारोपण किया और शिवालय परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में शामिल हुए। इसके बाद भाजपा जिला कार्यालय में सांसद कार्यालय का उद्घाटन किया। तो सांची में नमो वाटिका का शुभारंभ कर पौधारोपण करने के बाद श्री चौहान वन विभाग परिसर में आयोजित एक देश-एक चुनाव विषयक जनप्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए। तो वही स्कूली बच्चों ने नाटक मंचन कर बार-बार चुनाव होने से देश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ और दुष्प्रभावों पर संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव का खर्च करीब 5 लाख करोड़ रुपये आता है, जो आगे 7 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। एक साथ चुनाव कराकर यह धन बचाया जा सकता है और इसे देश के विकास में लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव और आचार संहिता लगने से जनता और सरकारी कर्मचारी परेशान होते हैं।
इस बीच, केन्द्रीय मंत्री के दौरे से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने 32 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सागर तिराहे पर काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और तनातनी की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि करोड़ों की लागत से बनी सड़कों में गुणवत्ता का अभाव है, लेकिन सरकार ने जांच के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।





