(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के विभिन्न नोड्स में अब तक 33 हजार 896 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 62 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
देश के रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2018 में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा यूपीडीआईसी की स्थापना की गयी थी। यह गलियारा प्रदेश के छह रणनीतिक नोड्स कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट में फैला हुआ है। यह लगातार रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर रहा है और प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
यूपीडा की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, यूपीडीआईसी के छह नोड्स में रक्षा क्षेत्र की नौ प्रमुख इकाइयों ने अपना संचालन और उत्पादन शुरू कर दिया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके अतिरिक्त, लगभग 10 कंपनियों के लिए पट्टा (लीज डीड) की प्रक्रिया प्रगति पर है।
रक्षा गलियारे के विभिन्न नोड्स में प्राप्त निवेश में कानपुर में 12 हजार 803 करोड़, झांसी में 11 हजार 276 करोड़, लखनऊ चार हजार 850 करोड़, अलीगढ़ में तीन हजार 872 करोड़, चित्रकूट 530 करोड़ और आगरा में 407 करोड़ रुपये का निवेश आया है ।
कॉरिडोर में कई अग्रणी कंपनियों ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। अदानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने कानपुर में 1500 करोड़ रुपये की लागत से बने गोला-बारूद निर्माण संयंत्र में संचालन शुरू कर दिया है जो अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। यह अत्याधुनिक इकाई गोला-बारूद उत्पादन में राष्ट्रीय मानकों को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है।
अलीगढ़ में, अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने 330 करोड़ रुपये के निवेश के साथ उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सैटेलाइट तकनीक का उत्पादन शुरू किया है। वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड ने 65 करोड़ रुपये के निवेश से छोटे हथियारों का निर्माण शुरू किया है, जबकि नित्या क्रिएशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 12 करोड़ रुपये के निवेश से प्रिसिशन आर्म्स कंपोनेंट्स का उत्पादन शुरू किया है।
लखनऊ रक्षा विनिर्माण और मिसाइल सिस्टम्स का एक नया केंद्र बनकर उभर रहा है। एरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने 320 करोड़ के निवेश से टाइटेनियम कास्टिंग का संचालन शुरू किया है। डीआरडीओ की ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने 300 करोड़ की लागत से ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम के उत्पादन और असेम्बली की शुरुआत की है। संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस ने 14 करोड़ रुपये के निवेश से सुरक्षा उपकरण और रक्षा कपड़ों का निर्माण शुरू किया है।
कानपुर की औद्योगिक गति को और मजबूती देते हुए, ए.आर. पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 48 करोड़ रुपये के निवेश से बैलिस्टिक मटेरियल्स और सुरक्षा गियर का उत्पादन शुरू किया है। इसके अतिरिक्त, आधुनिक मटेरियल्स एंड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 38.58 करोड़ रुपये के निवेश से डिफेंस टेक्सटाइल्स का निर्माण शुरू किया है।





