Wednesday, June 3, 2026
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रेलवे आम यात्रियों के लिए किफायती यात्रा के साथ सुरक्षा, सुविधा और टिकट व्यवस्था को कर रही मजबूत

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे आम यात्रियों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किफायती यात्रा को मजबूत करने के साथ ही रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का व्यापक आधुनिकीकरण कर रही है। रेलवे का प्रयास निरंतर निवेश, संचालन सुधार और आधुनिक तकनीक से देशभर में रेल यात्रा को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित, आरामदायक और किफायती बनाना है।
भारतीय रेलवे ने आम यात्रियों के लिए किफायती यात्रा क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त जनरल और नॉन-एसी कोचों का रिकॉर्ड उत्पादन किया है। इसके साथ ही कोचों में बेहतर सीटिंग, वेंटिलेशन, सुरक्षा मानक और यात्री-अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं, जिससे कम किराए में बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित हो सके।
रेलवे ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए 4,838 नए एलएचबी जनरल और नॉन-एसी कोचों के निर्माण की योजना बनाई है, जिसमें 2,817 एलएस कोच और 2,021 एलएससीएन कोच शामिल हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 4,802 एलएचबी कोचों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह योजनाबद्ध उत्पादन बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के साथ-साथ सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा।
रेलवे 2025 के त्योहारों और मौसमी भीड़ को संभालने के लिए विशेष ट्रेनों का अभूतपूर्व संचालन किया। वर्ष 2025 के दौरान 43,000 से अधिक विशेष ट्रेन यात्राएं चलाई गईं। इनमें महाकुंभ के लिए 17,340, होली के लिए 1,144, ग्रीष्मकालीन यात्राओं के लिए 12,417 और छठ पूजा के लिए 12,383 विशेष ट्रेनें शामिल थीं। इन प्रयासों से भीड़ के दौरान यात्रियों को बेहतर सुविधा, सुगम आवागमन और समय पर कनेक्टिविटी मिल सकी।
रेलवे ने स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए देशभर के 76 प्रमुख स्टेशनों पर यात्री होल्डिंग एरिया विकसित करने का निर्णय लिया है। यह पहल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थापित यात्री सुविधा केंद्र की सफलता के बाद की गई है। नई दिल्ली स्टेशन का होल्डिंग एरिया लगभग 7,000 यात्रियों को समायोजित कर सकता है और इसमें शौचालय, टिकट काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें और मुफ्त आरओ पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अन्य स्टेशनों पर भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मॉड्यूलर डिजाइन में होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे, जिन्हें 2026 के त्योहारों के मौसम से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
रेलवे ने टिकटिंग व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आधार सत्यापन और उन्नत तकनीकी निगरानी को मजबूत किया है। अब केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति है। इसके साथ ही ई-टिकटिंग प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप 5.73 करोड़ संदिग्ध और निष्क्रिय आईआरसीटीसी खातों को निष्क्रिय या अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है।
रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में यात्री सुरक्षा शामिल है। वित्त वर्ष 2025–26 में सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए आवंटित बजट का 84 प्रतिशत पहले ही खर्च किया जा चुका है। सुरक्षा बजट बढ़कर 1,16,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके कारण ट्रेन दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। जहां 2014-15 में 135 गंभीर दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर 31 और 2025–26 में नवंबर 2025 तक मात्र 11 रह गई है। कोहरे से सुरक्षा के लिए लगाए गए उपकरणों की संख्या भी 2014 में 90 से बढ़कर 2025 में 25,939 हो गई है।
रेलवे ने गैर-एसी, उच्च गुणवत्ता और किफायती यात्रा के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की गई है। वर्ष 2025 में 13 नई अमृत भारत ट्रेनें शुरू की गईं, जिससे इनकी कुल संख्या 30 हो गई है। इसके साथ ही भुज–अहमदाबाद और जयनगर–पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल सेवाएं भी संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है।
रेलवे आम यात्रियों के लिए गैर-एसी क्षमता बढ़ाने, भीड़ प्रबंधन, स्टेशन सुविधाओं के विकास, टिकटिंग में पारदर्शिता और सुरक्षा में बड़े निवेश के जरिए एक आधुनिक, समावेशी और यात्री-केन्द्रित परिवहन प्रणाली का निर्माण कर रही है, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों दैनिक यात्रियों को मिल रहा है।

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