Tuesday, June 2, 2026
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उप्र खाद्य प्रसंस्करण नीति -2023 के तहत 33 परियोजनाओं को मंजूरी

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
लखनऊ।उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के तहत गठित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में 33 परियोजना प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गयी है।
इन प्रस्तावों के सापेक्ष लगभग 57 करोड़ के अनुदान को स्वीकृति प्रदान की गई है। समिति द्वारा सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद संबंधित इकाइयों को पत्र जारी का अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीति के अंतर्गत प्राप्त परियोजना प्रस्तावों पर समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्थापित इकाइयों को देय सब्सिडी के मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक दीपक कुमार, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं समिति के अध्यक्ष, की अध्यक्षता में एपीसी सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कुल 35 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 33 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन प्रस्तावों के तहत अम्बेडकरनगर, अलीगढ़, आगरा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कासगंज, गाजियाबाद, चित्रकूट, जौनपुर, गौतम बुद्ध नगर, पीलीभीत, बरेली, बाराबंकी, बस्ती, बुलन्दशहर, मेरठ, लखनऊ, शाहजहांपुर, सहारनपुर, सीतापुर, सुलतानपुर और सोनभद्र सहित 21 जनपदों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ने से न केवल कृषकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी अहम योगदान मिलेगा। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि नीति के अंतर्गत स्थापित सफल परियोजनाओं की सफलता कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे युवाओं, महिलाओं और स्टार्ट-अप्स को प्रेरणा मिल सके।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के तहत बरेली 29 परियोजनाओं के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, जबकि रामपुर 22 परियोजनाओं के साथ द्वितीय और कानपुर नगर 21 परियोजनाओं के साथ तृतीय स्थान पर है।

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