Tuesday, June 2, 2026
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रेलवे को औपनिवेशिक मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करना पहली प्राथमिकता: वैष्णव

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)

नयी दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि रेलवे को औपनिवेशिक मानसिकता से पूरी तरह मुक्त कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
श्री वैष्णव ने शुक्रवार को यहां के द्वारका स्थित यशोभूमि में रेलवे के 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 समारोह में यह बात कही। उन्होंने इस दौरान 101 रेलवे कर्मचारियों अधिकारियों को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 तथा विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 जोनों को शील्ड प्रदान करके सम्मानित किया।
इसके बाद उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनके असाधारण कार्यों और प्रयासों के लिए बधाई दी। इस दौरान उन्होंने पिछले एक दशक में भारतीय रेल में हुई परिवर्तनकारी प्रगति को रेखांकित किया और रेलवे में संरक्षा, सुधार , नवाचार पर बल दिया, साथ ही रेलवे से औपनिवेशिक मानसिकता को पूरी तरह से खत्म करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने में रेल के योगदान सुनिश्चित करने के लिए रेलकार्मियों को छह संकल्प दिलाये, जिसमें रेलवे में नवाचार को बढ़ावा देने का संकल्प भी शामिल है। इसके अलावा सभी रेलकर्मी नवाचार अपनाएं और इसको बढ़ावा दें, इस वर्ष 52 सप्ताहों में 52 संस्थागत सुधार करें, ट्रैक मरम्मत पर जोर दें और उसमें नयी सोच और तकनीक को बढ़ावा दें आदि शामिल है। साथ ही सुरक्षा को एक नये उच्च स्तर पर ले जाएं ताकि यात्रियों को शत प्रतिशत सुरक्षित यात्रा की गारंटी दी जा सके।
उन्होंने प्रशिक्षण सुधार पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के नये मापदंड अपनाया जाए, ताकि बदलते परिदृश्य में बेहतर काम कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को औपनिवेशिक मानसिकता को रेल से समाप्त करना करने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने भारतीय रेल के विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर डाक टिकट भी जारी किया।
वहीं, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए भारत में रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा के अनुभव के साथ-साथ किफायती रेल सेवाएं प्रदान करने की भारतीय रेल की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गति, आराम और सुरक्षा के सिद्धांतों में उत्कृष्टता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक को शामिल कर रहे हैं। उन्होंने सभी पुरस्कृत अधिकारियों, कर्मचारियों की प्रशंसा की और बधाई दी।
गौरतलब है कि भारतीय रेल हर साल अपने कर्मचारियों को अति विशिष्ट रेल पुरस्कार प्रदान करता है। ये पुरस्कार दो श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं, व्यक्तिगत पुरस्कार, साथ ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोन को शील्ड प्रदान की जाती है। व्यक्तिगत पुरस्कार भारतीय रेल को अधिक कुशल, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल संगठन बनाने की दिशा में रेल कर्मियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।

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