(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें साल्ट लेक स्थित आई-पैक कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के दौरान कथित रूप से जब्त किए गए डेटा की सुरक्षा की मांग की गई थी। यह छापेमारी आठ जनवरी को अवैध कोयला तस्करी मामले के संबंध में की गई थी।
न्यायूमूर्ति सुव्रा घोष के समक्ष सुनवाई के दौरान ईडी ने सूचित किया कि उसने दोनों परिसरों से कोई भी दस्तावेज या डेटा जब्त नहीं किया है। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील दी कि तृणमूल कांग्रेस की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तलाशी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने परिसर से दस्तावेज हटा दिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि इन छापों का आगामी चुनावों से कोई संबंध नहीं है और ये राजनीति से प्रेरित नहीं हैं।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इन दावों का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि छह साल बाद और चुनावों से कुछ महीने पहले ही ईडी अचानक सक्रिय क्यों हुई। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि ईडी के उस बयान को रिकॉर्ड पर लिया जाए जिसमें कहा गया है कि कोई जब्ती नहीं की गई है।
न्यायमूर्ति घोष ने ईडी के इस बयान को संज्ञान में लेते हुए कि कोई जब्ती नहीं हुई है, कहा कि अब याचिका में आगे कुछ भी तय करने के लिए शेष नहीं रह गया है और इसके साथ ही उन्होंने याचिका का निपटारा कर दिया।
हालांकि, अदालत ने ईडी की उस अलग याचिका को स्थगित कर दिया जिसमें आठ जनवरी की घटनाओं की जांच की मांग की गई है। उस दिन छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास का दौरा किया था। अदालत ने कहा कि इस मामले पर तब सुनवाई की जाएगी जब उच्चतम न्यायालय इसी मामले में ईडी की याचिका पर सुनवाई कर लेगा।





