(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने सरेंडर कर उसके दबाव में ईरान के चाबहार बंदरगाह से अपना नियंत्रण छोड़ दिया है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स पेज पर शुक्रवार को एक पोस्ट में कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकबार फिर ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है। ख़बरों के मुताबिक- ट्रंप के दबाव में श्री मोदी ने ईरान के चाबहार पोर्ट से अपना कंट्रोल छोड़ दिया है, चुपके से वेबसाइट भी बंद करवा दी। इस बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में मोदी सरकार ने देश की जनता के 12 करोड डॉलर लगाए थे और अब ये सब स्वाहा हैं।”
पार्टी ने कहा कि जब चाबहार बंदरगाह का समझौता हुआ था तो श्री मोदी ने कहा था कि अर्थव्यवस्था से जुड़ा बहुत बड़ा काम हुआ है और यह उनकी बहुत बड़ी सफलता है। अब जब चाबहार बंदरगाह का नियंत्रण छोड़ दिया है तो इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि चाबहार कोई आम बंदरगाह नहीं है। यह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से एक अहम और सीधा समुद्री रास्ता देता है, जिससे हम पाकिस्तान को बाईपास कर सकते हैं और चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का मुकाबला भी कर सकते हैं। लेकिन अफ़सोस की बात है कि श्री मोदी, ट्रंप के दबाव के आगे झुक गए और देश का नुकसान कर दिया।
पार्टी ने सवाल किया कि आखिर भारत की विदेश नीति अमेरिका के व्हाइट हाउस से क्यों तय की जा रही है और श्री मोदी अमेरिका को भारत पर दबाव बनाने की अनुमति क्यों दे रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि चाबहार बंदरगाह पर उन्हीं नरेंद्र मोदी ने कब्जा छोड़ दिया है जिन्होंने कहा था “चाबहार पोर्ट का मेरा फाइनल एग्रीमेंट हुआ है- ये बहुत बड़ा काम है। सेंट्रल एशिया से जुड़ा हुआ, मेरा इकोनॉमी का बहुत बड़ा काम हुआ है।”





