कांग्रेस के कुशासन के कारण राष्ट्रीय मुख्यधारा से कटा रहा पूर्वोत्तर : नरेन्द्र मोदी

0
188

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस के कुशासन के कारण पूरा असम और पूर्वोत्तर राष्ट्रीय मुख्यधारा से कटा रहा। श्री मोदी ने यह बात गुवाहाटी के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ खेल परिसर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री वहां असम के बोडो समुदाय के पारंपरिक नृत्य ‘बागुरुम्बा’ के सबसे बड़े प्रदर्शन में भाग लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि असम की कांग्रेस सरकारों ने कभी भी राज्य के विकास के बारे में नहीं सोचा।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने दिवंगत भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का निर्णय लिया, तो कांग्रेस ने उसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के एक कांग्रेस मंत्री, जो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पुत्र भी हैं, उन्होंने असम में सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने के निर्णय का विरोध किया। श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस के कारण ही असम इन वर्षों में राष्ट्रीय मुख्यधारा से कटा रहा और कांग्रेस के कुशासन की वजह से ही क्षेत्र में समस्याएं और हिंसा बढ़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति ने यहां समस्याओं को जन्म दिया। कांग्रेस ने कभी उन आवाजों पर ध्यान नहीं दिया जिनसे हिंसा और अलगाववाद पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि जिस समय असम की कांग्रेस सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए थी, उस समय कांग्रेस ने अपनी वोट बैंक राजनीति के लिए घुसपैठियों के लिए दरवाजे खोल दिए और कांग्रेस के शासन में घुसपैठिये आते रहे। भाजपा सरकार के हालिया निष्कासन अभियानों की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने लाखों बीघा जमीन को उन घुसपैठियों से मुक्त कराया है जो स्थानीय लोगों की भूमि पर अतिक्रमण कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार इस क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा शुरू की गई अव्यवस्था को साफ कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी है और देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र का उतनी बार दौरा नहीं किया है, जितनी बार उन्होंने किया है।
यहां आयोजित बागुरुम्बा नृत्य प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक नृत्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि बोडोलैंड और बोडो समाज के संस्थापकों को सम्मानित करने और याद करने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था बोडो संस्कृति की पहचान को सम्मान देने का एक तरीका है। उन्होंने पिछले साल बिहू और झुनौर बिनांदिनी के प्रदर्शनों का हिस्सा बनने को भी अपना सौभाग्य बताया। गौरतलब है कि अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लगभग 10,000 नर्तकों और संगीतकारों ने बागुरुम्बा ड्वू पेश किया। यह इस तरह का पहला प्रोग्राम था जिसमें यहां इतनी बड़ी संख्या में कलाकार मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here