(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
वाराणसी। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंदानन्द सरस्वती ने मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल पोस्ट काे फर्जी करार दिया है।
स्वामी जीतेंदानन्द मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। उसके बाद वे मणिकर्णिका तीर्थ भी गए। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के लोगों द्वारा काशी विश्वनाथ धाम में स्थित कुम्भा महादेव मंदिर को तोड़ने का भ्रम फैलाया जा रहा है। यह षड्यंत्र के तहत किया गया कार्य है। मंदिर आज भी धाम में पूरी तरह सुरक्षित है।
उन्होने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के विस्तारीकरण के समय भी बहुत से मकान हटाए गए थे और प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को लेकर तमाम टिप्पणियां की गई थीं। यदि कोई धर्म के आधार पर राजनीति करता है, तो धर्माचार्यों को आगे आना पड़ता है। इसलिए आज हम यहां आए हैं।
संत ने बताया कि निर्माण कार्य जलासेन घाट पर हो रहा है। मणिकर्णिका कुंड और तीर्थ अलग है। षड्यंत्रकारियों ने जलासेन घाट को ही मणिकर्णिका घाट घोषित कर वीडियो और फोटो वायरल किए। यह हिंदू समाज के खिलाफ षड्यंत्र है। कोई भी मंदिर नहीं टूटा है। कुछ मूर्तियां मिली हैं, जिन्हें पुनः स्थापित किया जाएगा। घाटों पर पत्थरों पर बने चित्र और प्राण-प्रतिष्ठित मूर्तियों में अंतर होता है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों स्पष्ट किया था कि वायरल फोटो एआई-जनरेटेड हैं।





