Tuesday, June 2, 2026
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ईरान ने ट्रंप के बातचीत के बाद पॉच दिन के लिए हमले टालने वाले बयान को नकारा

वाशिंगटन/तेहरान/नयी दिल्ली(24×7न्यूजटाइम संवाददाता/एजेंसी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के नेतृत्व से बातचीत के बाद उन्होंने देश की ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों को पांच दिन के लिए टाल दिया, जबकि ईरान ने कहा कि ट्रंप ने डर से यह फैसला लिया है।
श्री ट्रंप ने शनिवार शाम कहा था कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता तो वह देश की ऊर्जा अवसंरचनाओं को निशाना बनाएंगे। इसके जवाब में ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जु़लफकरी ने कहा था कि अगर ईरान की ऊर्जा अवसंरचनाओं को नुकसान पहुंचता है तो वह खाड़ी देशों की ऊर्जा एवं जल अवसंरचनाओं पर हमला करेंगे।
श्री ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच “सार्थक और रचनात्मक बातचीत” हुई है, जिसके मद्देनजर उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी ऊर्जा ढांचे पर सभी सैन्य कार्रवाई पांच दिन के लिए रोक दी जाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला चल रही वार्ताओं की प्रगति पर निर्भर करेगा।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में आपसी दुश्मनी को पूरी तरह से खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत हुई है। इस बातचीत को देखते हुए मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दें।”
इसके बरक्स, ईरान के विदेश मंत्रालय ने श्री ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनका यह बयान ऊर्जा की कीमतें कम करने और अमेरिका की सैन्य योजनाओं को लागू करने के लिए समय हासिल करने की एक कोशिश थी। मंत्रालय ने कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ न तो सीधे तौर पर और न ही किसी मध्यस्थ के ज़रिए कोई बातचीत कर रहा है।
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने भी इसी बात पर ज़ोर देते हुए कहा, “लड़ाई जारी है।” उन्होंने श्री ट्रंप के बातचीत के दावे को नकारते हुए कहा, “यह शैतान की एक और हार है। ट्रंप और अमेरिका एक बार फिर हार गए हैं।”
उल्लेखनीय है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने सोमवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी खतरे का “बराबर और प्रतिरोधक” जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि यदि उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर हमला किया गया तो वह पूरी फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर सभी समुद्री मार्गों को बंद कर देगा।
फारस की खाड़ी का बाधित होना अमेरिका के लिए चिंताजनक साबित हो रहा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और श्री ट्रंप ने रविवार देर रात फोन पर हुई बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य संकट पर चर्चा की।
इस दौरान लेबनान के संगठन हिज़्बुल्लाह ने कहा कि वह इजरायल के साथ लंबी लड़ाई के लिए तैयार है और उसके पास आक्रामक ड्रोन क्षमताओं को लेकर कई “तोहफे” मौजूद हैं।
हिज़्बुल्लाह के समन्वय एवं संपर्क इकाई के प्रमुख वफीक सफ़ा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि संगठन इजरायल के खिलाफ युद्ध जारी रखेगा और “कब्जे करने वाली ताकत” को पराजित किए बिना पीछे नहीं हटेगा।
इस बीच, इजरायल ने तेहरान में हमलों की एक नयी लहर की घोषणा की है। यह घोषणा डोनाल्ड ट्रंप के बयान के ठीक बाद की गयी, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरानी बिजली संयंत्रों पर अमेरिकी हमले पांच दिनों के लिए टाल दिए जाएंगे।

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