Tuesday, June 2, 2026
spot_img

उप्र में एमएसएमई से 3.11 करोड़ को रोजगार, निवेश से खुले अवसरों के द्वार

लखनऊ, (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते नौ वर्षों में रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए बयान के अनुसार, उद्योगोन्मुख नीतियों और योजनाओं के प्रभाव से एमएसएमई सेक्टर आज न केवल रोजगार का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरा है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी भी बन गया है। सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में इस अवधि के दौरान करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 1 करोड़ 10 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन के अवसर सृजित होने की संभावना बनी है।
इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं, जिनसे लगभग 60 लाख रोजगार के अवसर तैयार हुए हैं। निवेश के इस प्रवाह ने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति दी है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र रोजगार सृजन का सबसे मजबूत आधार बनकर उभरा है। वर्तमान में राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इन इकाइयों के माध्यम से 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को एमएसएमई से जोड़ने से पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिली है। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने हेतु सरकार द्वारा कई योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 38 हजार से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है, जिनमें 1097.10 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी वितरित की गई है।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 32,936 लाभार्थियों को 1105.49 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी दी गई, जिससे 2.63 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 4.20 लाख से अधिक कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को लाभान्वित कर उनके कौशल को निखारा गया है।
कुल मिलाकर, योगी सरकार की नीतियों ने उत्तर प्रदेश में एमएसएमई और निवेश आधारित विकास को नई ऊंचाई दी है, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं बल्कि प्रदेश आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles