वाशिंगटन/ नई दिल्ली (एजेंसी / 24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौता अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब समझौतों में से एक है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “हमारे देश द्वारा अब तक किए गए सबसे खराब समझौतों में से एक ईरान परमाणु समझौता था, जिसे बराक हुसैन ओबामा और ओबामा प्रशासन के नौसिखियों द्वारा तैयार और हस्ताक्षरित किया गया था। यह समझौता ईरान के लिए परमाणु हथियार विकसित करने का एक सीधा रास्ता था।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि उनके प्रशासन द्वारा ईरान के साथ मौजूदा समय में जिस सौदे पर बातचीत की जा रही है, वह इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने बातचीत की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा, “वार्ता व्यवस्थित और सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। मैंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे समझौते के लिए कोई जल्दबाजी न करें क्योंकि समय हमारे पक्ष में है।”
श्री ट्रंप ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक कोई नया समझौता तय, प्रमाणित और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर लगाई गई नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी और लागू रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, “दोनों पक्षों को अपना समय लेना चाहिए और इसे सही ढंग से पूरा करना चाहिए। इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए।”
ईरान के साथ संबंधों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका के संबंध अब कहीं अधिक पेशेवर और उत्पादक बन रहे हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में दोहराया कि ईरान को यह बात अच्छी तरह समझनी होगी कि वे किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार या बम विकसित या हासिल नहीं कर सकते।
इसके साथ ही श्री ट्रंप ने पश्चिम एशिया के देशों का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक ‘अब्राहम समझौते’ में शामिल होकर इन देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कौन जानता है, शायद ईरान का इस्लामी गणराज्य भी इसमें शामिल होना पसंद करे!”





