तेहरान(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के दौरान ईरान के फ्रीज किये गये खातों से 24 अरब डॉलर तक की राशि को जारी करने के संबंध में समझौता हो सकता है। आईआरजीसी से जुड़े मीडिया संस्थान तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
वार्ता दल के करीबी एक स्रोत के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) की घोषणा होते ही इस राशि का आधा हिस्सा, यानी लगभग 12 अरब डॉलर तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जबकि बाकी की रकम को 60 दिनों की बातचीत की अवधि के दौरान स्थानांतरित किया जाए। चर्चा के अधीन एमओयू के मसौदे में कथित तौर पर 60 दिनों के लिए संघर्ष विराम का विस्तार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निरंतर बातचीत के लिए एक रूपरेखा शामिल है। हालांकि, प्रतिबंधों में ढील, रोकी गई संपत्तियों की रिहाई और ईरान की परमाणु गतिविधियों को सीमित करने की अमेरिकी मांगों को लेकर अभी भी बड़े मतभेद बने हुए हैं। इस बातचीत में सबसे बड़ा गतिरोध ईरान के संवर्धित यूरेनियम का भंडार है। संघर्ष की शुरुआत में माना जा रहा था कि ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जो कि हथियार बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत के स्तर के बेहद करीब है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस सामग्री को या तो ‘तुरंत’ अमेरिका को सौंप दिया जाना चाहिए या ईरान के साथ समन्वय करके नष्ट कर दिया जाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने ‘नो डस्ट, नो डॉलर्स’ (यानी यूरेनियम खत्म नहीं तो पैसा नहीं) का नारा अपनाया है, जो यह दर्शाता है कि जब तक ईरान अपने यूरेनियम भंडार को खत्म नहीं कर देता, तब तक उसे किसी भी समझौते से कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी ओर ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यूरेनियम से जुड़ी बातचीत औपचारिक रूप से संघर्ष समाप्त करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के बाद ही शुरू हो सकती है।





