(24x7newstime Correspondent)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम हमने ही किया है, इसलिए इसे बचाने और सुधारने की जिम्मेदारी भी हमारी है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजभवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में “शबरी के राम“, “एक दिन मोबाइल बिन“, पर्यावरण पर आधारित लघु नाटक, देशभक्ति समूहगान “हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए“ की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल ने सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि राजभवन के विभिन्न प्रभागों ने अपने-अपने विषय पर कार्यक्रम तैयार कर मंच के माध्यम से समाज को पर्यावरण, देशभक्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य जैसे विभिन्न मुद्दो पर महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं, जो सराहनीय है। स्वस्थ जीवन जीना भी एक कला है और खानपान उसी के अनुरूप होना चाहिए।
मोबाइल पर आधारित नाटक की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आजकल परिवार के सदस्य मोबाइल की वजह से आपस में कम मिलते हैं, ऐसे में यह नाटक एक सार्थक संदेश देता है। पर्यावरण संरक्षण पर राज्यपाल ने कहा कि “इसे नुकसान पहुंचाने का काम हमने ही किया है, इसलिए इसे बचाने और सुधारने की जिम्मेदारी भी हमारी है।”
उन्होंने राजभवन में स्थापित मियावाकी वन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों ने इसे लगाया था, आज वही लोग इस विषय पर नाटक प्रस्तुत कर रहे हैं, यह प्रेरणादायक है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, परंपरागत खेलों के पुनर्जीवन, तथा पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मंत्र दिया है, पहले देश, फिर अन्य कार्य, और आज पूरा देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।





