(24x7newstime Correspondent)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विधानसभा भवन परिसर के सामने तिरंगा फहराया। उसके बाद उन्होंने परेड की सलामी ली। इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।
उन्होने कहा “ आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के 78 में वर्ष को पूरा कर रहा है। देश की स्वतंत्रता की स्वतंत्रता अनेक त्याग और बलिदान का परिणाम है। स्वाधीनता हमसे त्याग और बलिदान मांगती है। अभी हाल ही में पूरे देश ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उनके मार्गदर्शन में ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत की शक्ति को पूरी दुनिया ने देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाधीनता का मतलब हर देशवासी के लिए अपने कर्तव्यों के साथ संकल्पित होने का एक महान संकल्प है। अगर हर नागरिक अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करने लग जाए तो फिर प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा होने में फिर कोई देर नहीं लगेगी। भारत फिर मजबूती के साथ 2047 में दुनिया की एक बड़ी ताकत होगी। याद करिए आज से 11 वर्ष पहले भारत दुनिया की 11वीं बड़ी अर्थव्यवस्था थी। एक सुनियोजित व्यापक कार्य योजना और टीमवर्क का परिणाम है कि आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। आज भारत के पास सामर्थ्य है। भारत के पास शक्ति है और भारत के स्वदेशी मॉडल को मेक इन इंडिया के तहत हमने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मनों को महसूस कराया। जिसे पूरी दुनिया ने महसूस किया है जब ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मन के घर में घुसकर उसके अड्डे को तहस-नस करती है। तो उसे भारत के स्वदेशी मॉडल पर विश्वास हो चला है।”
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का पैसा देश के कारीगर के पास जा रहा है। भारत के इस स्वदेशी मॉडल को पूरी दुनिया देख रही है। प्रधानमंत्री ने वोकल फार लोकल का आवाहन किया है। दुनिया के अंदर कोई भी देश तब तक आगे नहीं बढ़ सका, जब तक उसने हस्तशिल्पी कारीगरों को आगे नहीं बढ़ाया। मिशन मिलेट के जरिये आज प्रदेश के 34 जिले जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलावट को दूर करते हुए फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड की कम से कम आपूर्ति व प्राकृतिक पद्धति से खेती को आगे बढ़ाते हैं तो यह किसानों की आय को बढ़ाएगा। पिछले 8 वर्ष में उत्तर प्रदेश में एक लंबी चलांग लगाने के लिए कदम बढ़ाए हैं। हर एक सेक्टर में काम किया गया है। चाहे युवा हो या महिलाएं या अन्नदाता किसान या फिर श्रमिक समाज। हर तबके के उत्थान के लिए आज उत्तर प्रदेश नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हो रहा है। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा का एक अद्वितीय मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पहले उत्तर प्रदेश की पहचान बीमारी प्रदेश के रूप में होती थी लेकिन आज उत्तर प्रदेश की पहचान अग्रणी के तौर पर जानी जाती है। उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की तरफ अग्रसर है।
उन्होने कहा कि सरकार ने तय किया है कि हम लौह पुरुष पटेल की स्मृति में हर जिले एम्प्लायमेंट जोन को स्थापित करेंगे। जिससे युवाओं को जोड़ा जा सके। आज प्रदेश में 7 एक्सप्रेस है। 5 एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। 10 प्रस्ताव के रूप में है। सतत विकास के माध्यम से सरकार प्रदेश को आगे बढ़ा रही है। उत्तरप्रदेश में फारेस्ट कवर को आगे बढ़ाया है। 13 व 14 अगस्त को पूरे प्रदेश ने देखा कि पूरी विधायिका ने रात भर चर्चा की। एक नए मुद्दे पर चर्चा हुई विकसित भारत विकसित उत्तरप्रदेश। आत्मनिर्भरता के इस अभियान को पूरा करने के लिए सभी को मिल कर काम पूरा करना होगा।
इसके लिए हमने कार्य करना प्रारंभ किया है। इसके लिए 12 सेक्टर सरकार ने चिन्हित किये हैं। बहुत शीघ्र हम प्रदेश के हर सेक्टर के बुद्धजीवियों के साथ बैठक करेंगे। जिनके पास एक व्यापक अनुभव है। 500 विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगे। हर जनप्रतिनिधि अपने जिले में नागरिकों के साथ बैठक करेगा, विकसित भारत के रोड मैप पर चर्चा करेगा। हमारा प्रयास है प्रदेश के हर परिवार एक सुझाव मिले। हर सुझाव के बाद एक टीम उनका मूल्यांकन करेगी। हर जनपद से 3 सुझाव लिए जाएंगे। जिन्हें पुरस्कृत करेगा। प्रदेश स्तर पर 5 सुझाव को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2029-30 तक गरीबी मुक्त उत्तरप्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रदेश सफल होगा तो 2047 में विकसित भारत विकसित उत्तरप्रदेश के रूप में प्रस्तुत करेगा।





