Tuesday, June 2, 2026
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इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्यूटिकल कार्पोरेशन को निजी क्षेत्र को बेचने का फैसला, सरकार को मिलेंगे 121 करोड़ रुपये

नयी दिल्ली(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। सरकार ने आयुष मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्यूटिकल कॉर्पोरेशन (आईएमपीसीएल) की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण करने के स्काईमैप फार्मास्यूटिकल्स के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
वित्त मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि रणनीतिक विनिवेश का यह सौदा दो चरणों वाली प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से किया गया। विनिवेश के इस निर्णय में एक बहु-स्तरीय परामर्श-आधारित प्रक्रिया अपनायी गयी। निजी क्षेत्र की कंपनी ने केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम आईएमपीसीएल की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 121 करोड़ 94 हजार 400 रुपये की बोली लगायी थी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) द्वारा अधिकृत मंत्रियों के एक समूह वाले ‘वैकल्पिक तंत्र’ ने स्काईमैप फार्मास्यूटिकल्स की बोली को मंज़ूरी दी है। इसने सबसे ऊंची बोली लगायी थी। बोली पर निणर्य करने वाले वैकल्पिक तंत्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, वित्त मंत्री और आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल थे। इसके तहत स्काईमैप फार्मास्यूटिक्ल्स को आईएमपीसीएल की 100 प्रतिशत शेयरधारिता और प्रबंधकीय नियंत्रण हस्तांतरित किया जायेगा। आईएमपीसीएल की स्थापना 12 जुलाई 1978 को की गयी थी, जिसका मुख्य उद्देश्य मानकीकृत आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं की निर्माण और आपूर्ति करना था। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने नवंबर 2017 में आईएमपीसीएल की संपूर्ण हिस्सेदारी किसी चुनिंदा निवेशक को बेचने के प्रस्ताव को ‘सैद्धांतिक मंज़ूरी’ दी थी। इस विनिवेश कार्यक्रम में रणनीतिक खरीदार की पहचान के लिए दो-चरणों वाली बोली प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद इस सौदे के लिए पेशेवर सलाहकारों (लेन-देन सलाहकार, कानूनी सलाहकार, परिसंपत्ति मूल्यांकनकर्ता) की नियुक्ति की गयी। संभावित बोलीदाताओं से ‘अभिरुचि की अभिव्यक्ति’ आमंत्रित करने वाला ‘प्रारंभिक सूचना ज्ञापन’ पहली सितंबर 2023 को जारी किया गया था। इसके जवाब में सात इच्छुक पक्षों ने अपनी अभिरुचि व्यक्त की और उन सभी को ‘योग्य बोलीदाताओं’ के रूप में शॉर्टलिस्ट कर लिया गया। शॉर्टलिस्टिंग के बाद योग्य इच्छुक बोलीदाताओं की ‘यथोचित जांच’ करायी गयी और गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी प्राप्त की गयी। तकनीकी और वित्तीय बोलियां आमंत्रित करने के लिए ‘प्रस्ताव के लिए अनुरोध’ एक दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। इसके जवाब में बोली की अंतिम तारीख 20 जनवरी 2026 तक दो सीलबंद वित्तीय बोलियां प्राप्त हुई थी। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि निवेश एवं लोक सम्पत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के और आयुष विभाग के सचिवों को इस सौदे को जल्द से जल्द पूरा करने और अंतिम रूप देने के लिए अधिकृत किया गया है।

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