(24x7newstime Correspondent)
ग्रेटर नोएडा। महाराष्ट्र के विभु त्यागी ने डेफलम्पिक्स सेलेक्शन ट्रायल्स 2025 में पुरुष प्रतिभागियों के बीच शीर्ष स्थान हासिल करते हुए विजेता का ताज पहना। ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित जेपी ग्रीन्स गोल्फ कोर्स में दो दिनों तक चले इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में त्यागी ने कुल 168 (24-ओवर पार) स्कोर करते हुए लीडरबोर्ड में पहला स्थान प्राप्त किया। यह मुकाबला अत्यधिक गर्मी, उमस और तेज हवाओं जैसी कठिन परिस्थितियों में खेला गया, जिसने खिलाड़ियों की सहनशक्ति और कौशल की कड़ी परीक्षा ली।
इस चयन ट्रायल का आयोजन एआईएससीडी द्वारा भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू) के मार्गदर्शन में किया गया था। 6 से 8 अगस्त, 2025 तक आयोजित इस आयोजन में छह समर्पित एथलीटों ने भाग लिया, जिनमें एक महिला खिलाड़ी भी शामिल थीं, जो भारत में श्रवण-बाधित खिलाड़ियों के लिए खेलों में बढ़ती समावेशिता को दर्शाता है।
त्यागी के बाद उत्तर प्रदेश के हर्ष सिंह और चंडीगढ़ के जसतर सिंह बिलिंग ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। यह ट्रायल्स डेफलम्पिक्स 2025, टोक्यो के लिए भारत की गोल्फ टीम का चयन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
ट्रायल्स की शुरुआत आईजीयू के कोषाध्यक्ष संजीव रत्तन द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई, जिनके साथ एआईएससीडी के चेयरमैन मोहिंदर सिंह ने खिलाड़ियों को संबोधित किया और उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर परियोजना प्रबंधक सोमेश शर्मा और तकनीकी निदेशक (बैडमिंटन) श्रीमती सोनू आनंद शर्मा भी उपस्थित रहीं।
एआईएससीडी के चेयरमैन मोहिंदर सिंह ने कहा, ”चयन ट्रायल्स को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया। भले ही प्रतिभागियों की संख्या कम थी, लेकिन प्रतियोगिता बेहद कड़ी रही और सभी खिलाड़ियों ने दोनों राउंड्स में निरंतर प्रदर्शन किया। मैं भारतीय गोल्फ संघ को उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और विजेताओं सहित सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शब्दों में, ‘जो खेले, वो खिले’, इन विशेष खिलाड़ियों को देश का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला है और यह बहुत गर्व की बात है।”
दुर्भाग्यवश, एक प्रतिभागी ईशांत एस. शिकारे को पहले राउंड के बाद 2023 के गोल्फ नियमों के अनुच्छेद 3.3बी का उल्लंघन करने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। टूर्नामेंट समिति ने पूर्ण समीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया।





