(24X7newstime Correspondent)
नयी दिल्ली। भारत ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ उसकी रक्षा खरीद प्रक्रिया निर्धारित ढांचे के अनुरूप जारी है और इस महीने के अंत में अमेरिका की एक रक्षा नीति टीम के भारत आने की उम्मीद है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर रूस से तेल की खरीद पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा के कुछ दिन बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों पर भारत का रुख दोहराया।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस महीने के अंत में अलास्का में संयुक्त सैन्य अभ्यास “ युद्ध अभ्यास” के 21 वें संस्करण में हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा,“ भारत और अमेरिका की रक्षा साझेदारी, जो मूलभूत रक्षा समझौतों पर आधारित है, द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह मजबूत सहयोग कई मायनों में और अधिक मजबूत हुआ है। हमें उम्मीद है कि अगस्त के मध्य में एक अमेरिकी रक्षा नीति टीम यहाँ आएगी।”
प्रवक्ता ने कहा , “ दोनों पक्ष इस महीने के अंत में कार्यकारी स्तर पर टू प्लस टू मध्यस्थता बैठक आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जहाँ तक रक्षा अधिग्रहण का सवाल है, खरीद प्रक्रियाएँ स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार जारी हैं।”
अमेेरिका द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद द्विपक्षीय संबंधों पर उन्होंने कहा,“ भारत और अमेरिका साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच मज़बूत संबंधों पर आधारित एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। जैसा कि हमने पहले भी कहा है, इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है। हम दोनों देशों द्वारा प्रतिबद्ध मूल एजेंडे पर केंद्रित हैं, और हमें उम्मीद है कि आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर यह रिश्ता आगे बढ़ता रहेगा।”





