(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
लखनऊ । केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को देश भर के शिक्षण संस्थानों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 जारी कर दी गई है। जारी रैंकिंग में लखनऊ के भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित लखनऊ विश्वविद्यालय को टॉप 100 में जगह मिली है।
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 के अनुसार भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 में श्प्रबंधनश् श्रेणी में 5वां स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही, संस्थान को एनआईआरएफ 2024 में 7वें स्थान की तुलना में 2 स्थान की बढ़त मिली है।
वहीं किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने एक असाधारण छलांग लगाते हुए देश भर के चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में 19वें स्थान से 8वें स्थान पर पहुँच गया है। इसके अलावा, केजीएमयू ने देश के शीर्ष 50 सार्वजनिक राज्य विश्वविद्यालयों में 29वां स्थान और समग्र विश्वविद्यालय श्रेणी में 50वां स्थान प्राप्त किया है, जो देश में एक अग्रणी चिकित्सा संस्थान के रूप में इसकी स्थिति को दर्शाता है। इसके लिए केजीएमयू की कुलपति एवं पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. सोनिया नित्यानंद ने पूरे विश्वविद्यालय समुदाय को बधाई दी और अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है।
इसी तरह लखनऊ विश्वविद्यालय ने जारी रैंकिंग में अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय ने लगातार दूसरे साल देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में जगह बनाते हुए 98वाँ स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष यह 97वें पायदान पर था। विवि की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य स्तरीय सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की श्रेणी में रही, जहाँ लखनऊ विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए 32वें स्थान से छलांग लगाकर इस वर्ष 27वाँ स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय को उत्तर प्रदेश के गैर-तकनीकी राज्य विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान दिला दिया है।
इसी तरह कानून (लॉ) श्रेणी में भी विश्वविद्यालय ने अपनी स्थिति को मज़बूती दी है और 29वीं रैंक हासिल की है। वहीं, प्रबंधन (मैनेजमेंट) श्रेणी में पहली बार भागीदारी करते हुए विश्वविद्यालय ने 100वाँ स्थान प्राप्त कर नई शुरुआत की है। कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमें खुशी है कि इस वर्ष विश्वविद्यालय, राज्य वित्तपोषित और विधि श्रेणी में हमने अपने अंक बेहतर किए हैं। भविष्य में और ऊँची रैंकिंग के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे।
इसी तरह बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नई पहचान स्थापित की है। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विश्वविद्यालय श्रेणी में 37वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि ओवरऑल रैंकिंग में 69वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान कार्य और समर्पित शिक्षण वातावरण को दर्शाती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि शिक्षकों, शोधार्थियों, प्रशासनिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से इस सफलता में योगदान देने वाले प्रत्येक सदस्य की सराहना की और कहा कि बीबीएयू ने इस उपलब्धि के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है, बल्कि यह छात्रों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का एक जीवंत स्रोत भी बन गया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को एनआईआरएफ इंडिया रैंकिंग 2025 के परिणामों के 10वें संस्करण का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 16 श्रेणियों से बढ़कर इस वर्ष 17 श्रेणियों तक एनआईआरएफ रैंकिंग का विस्तार, उच्च शिक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती विविधता को दर्शाता है। एक मजबूत रैंकिंग ढांचा और मान्यता प्रणाली न केवल प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





