Tuesday, June 2, 2026
spot_img

दिखावा व इवेंट के सिवा सरकार के विजन डॉक्यूमेंट में कुछ नही : आराधना मिश्रा

(24x7newstime Correspondent)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन सरकार की तरफ से पेश किए गए विजन डॉक्यूमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने इसे मात्र दिखावा और इवेंट करार दिया है।
विधानसभा में बोलते हुए उन्होने कहा कि देश के विकास के लिए अगर सबसे बड़ा कोई विजन देखा और उसे पूरा किया तो कांग्रेस सरकारों ने और हमारे नेताओं ने इसे पूरा किया। इस देश के विकास के विजन की नींव देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार वर्तमान की चर्चा नही कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर कोई ब्लू प्रिंट नही। मोना ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के पास विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी दिखती है और उसका प्रमाण 10 साल की भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल के आंकड़े हैं। सरकार को 10 साल बाद विकास के विजन की बात याद आई है। 10 साल हो गए प्रदेश के लिए जो बुनियादी ज़रूरतें हैं स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क और रोजगार के साथ साथ कृषि, अगर आंकड़ों को उठाकर देख लिया जाए तो सरकार के पास उस पर जवाब नहीं है। उन्होने कहा की उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है हमारी सरकारों में कृषि पर विशेष काम किया। लेकिन उत्तर प्रदेश में कृषि को जो बजट आवंटित हुआ वह मात्र 3.2 प्रतिशत है और दूसरे राज्यों में 6 प्रतिशत से ज्यादा। सरकार एक तरफ कहती है कि हम किसानों की आय दुगुनी करेंगें ,जब बजट ही आधा है तो आय दुगनी कैसे करेंगे। किसानों की एमएसपी कैसे दुगुनी होगी। डीएपी जो 800 की मिलती थी वह अब 1350 रुपए की हो गई लागत बढ़ती जा रही है। जितना कार पर टैक्स 12 से 28 प्रतिशत लगाया जा रहा है उतना ही ट्रैक्टर पर लग रहा है। यह कैसे जायज है अन्नदाता के साथ ये कैसा न्याय है। मोना ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लेकर भाजपा सरकार ढिंढोरा पीट रही है। आयुष्मान योजना में प्रदेश नंबर वन की बात हो रही है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की धोखाधड़ी विरोधी इकाई ने प्रदेश में 139 करोड़ से अधिक के क्लेम फर्जी पकड़े।जो कि पूरे देश में सबसे ज्यादा है। लोगों का इलाज होने के बजाय फर्जी क्लेम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला इतना बड़ा प्रदेश होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को सिर्फ 6 प्रतिशत बजट आवंटित है। सरकार कहती है कि मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ा दी और डॉक्टरों की कमी नहीं होगी। लेकिन बड़े-बड़े चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टर सरकार की गलत नीतियों कारण वी.आर.एस. लेने पर मजबूर हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में सड़कों का यही हाल है।आवंटित बजट का 50 प्रतिशत भी खर्च नही हो पाता परिणाम सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटना से मौतें उत्तर प्रदेश में हो रहीं हैं। 30 प्रतिशत दुर्घटनाएं रोड सेफ्टी के नियमों का पालन सड़क निर्माण में न करने हो रहीं । मोना ने कहा कि एक तरफ सरकार 2047 का विजन पर चर्चा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट और ध्वस्त हो चुकी है।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles