(24x7newstime Correspondent)
भोपाल । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा है कि सैटेलाइट सर्वे के नाम पर किसानों को मात्र 100-200 रुपये का बीमा क्लेम दिया जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सीधा अन्याय बताते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। श्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि क्रॉप कटिंग सर्वे में जो वास्तविक उपज सामने आ रही है, वही सैटेलाइट सर्वे में कई गुना अधिक दिखाई जा रही है। इस तरह वास्तविक नुकसान की तुलना में कम नुकसान दर्शाया जा रहा है और किसानों को नगण्य क्लेम राशि दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के उज्जैन, देवास, हरदा और खंडवा जिलों में किसानों को बीमा क्लेम के रूप में मात्र 100, 200 या 600 रुपये तक की राशि दी गई है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देवास जिले की देवरी तहसील के चापड़ी पटवारी हल्का में जमीनी सर्वे में सोयाबीन का उत्पादन 183 किलो प्रति हेक्टेयर आया, जबकि सैटेलाइट सर्वे में इसे बढ़ाकर 869.40 किलो प्रति हेक्टेयर दिखा दिया गया, जो चार गुना से अधिक है। श्री कमलनाथ ने कहा कि उज्जैन के किसानों का कहना है कि पिछले साल अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ, जिसे सरकारी रिकॉर्ड में भी स्वीकार किया गया, लेकिन बीते 11 अगस्त से किसानों के खातों में जो राशि डाली गई, वह बेहद कम है। फसल बीमा (खरीफ 2024) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 24,07,668 बीमित किसान और 47,12,080 हेक्टेयर बिमित रकबा है। इसके लिए किसानों ने 395.50 करोड़ रुपये, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने 698.51-698.51 करोड़ रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए। कुल मिलाकर 1,792.53 करोड़ रुपये प्रीमियम जमा हुआ, लेकिन नुकसान के बावजूद किसानों को लगभग 1,156 करोड़ रुपये ही मुआवजा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सैटेलाइट सर्वे में किसानों के नुकसान को जानबूझकर घटा दिखाया जा रहा है और इसकी जांच जरूरी है। कमलनाथ ने मांग की कि किसानों को जमीनी सर्वे के आधार पर ही क्लेम दिया जाए और जरूरत पड़ने पर सैटेलाइट सर्वे की व्यवस्था समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों को पर्याप्त क्लेम नहीं मिला तो कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में आंदोलन करेगी। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की अपील की है।





