(24x7newstime Correspondent)
नयी दिल्ली । ऐतिहासिक लाल किले पर 79 वें स्वतंत्रता दिवस के भव्य आयोजन में इस वर्ष एक समृद्ध, सुरक्षित और सशक्त भारत की झलक दिखाई देगी। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आयोजन 15 अगस्त को राजधानी के ऐतिहासिक लाल किले पर होगा जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रतिष्ठित स्मारक की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएँगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार राष्ट्र 2047 तक सरकार के विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है इसलिए इस वर्ष के समारोह का विषय ‘नया भारत’ है। यह समारोह एक समृद्ध, सुरक्षित और सशक्त नए भारत के निरंतर उत्थान का स्मरण करने और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने के लिए नई शक्ति प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
लाल किले पर आगमन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। रक्षा सचिव, दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार का प्रधानमंत्री से परिचय कराएँगे। इसके बाद, दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक ले जाएँगे, जहाँ संयुक्त अंतर-सेवा और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सलामी देंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री सलामी गारद का निरीक्षण करेंगे।
प्रधानमंत्री के लिए सलामी गारद दल में 96 कर्मी (एक अधिकारी और थलसेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस प्रत्येक से 24 कर्मी) शामिल होंगे। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए भारतीय वायुसेना समन्वय सेवा है। सलामी गारद की कमान विंग कमांडर ए एस सेखों संभालेंगे। प्रधानमंत्री की सलामी गारद में थलसेना दल की कमान मेजर अर्जुन सिंह, नौसेना दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर कोमलदीप सिंह और वायुसेना दल की कमान स्क्वाड्रन लीडर राजन अरोड़ा संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दल की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह संभालेंगे।
सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद, प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर बढ़ेंगे, जहां रक्षा मंत्री , रक्षा राज्य मंत्री , प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह उनका स्वागत करेंगे। वे प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर मंच तक ले जाएँगे।
फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी। सेना की 1721 फील्ड बैटरी (औपचारिक) के बहादुर तोपचियों द्वारा 21 तोपों की सलामी के साथ इसे समकालिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करने वाली इस औपचारिक बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के हाथों में होगी और गन पोजिशन ऑफिसर नायब सूबेदार (तोपखाने में सहायक प्रशिक्षक) अनुतोष सरकार होंगे।
राष्ट्रीय ध्वज रक्षक दल, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना तथा दिल्ली पुलिस के एक-एक अधिकारी और 32 अन्य रैंक के कुल 128 जवान शामिल हैं, प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समय राष्ट्रीय सलामी देंगे। विंग कमांडर तरुण डागर इस अंतर-सेवा गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान संभालेंगे।
राष्ट्रीय ध्वज रक्षक दल में सेना की टुकड़ी मेजर प्रकाश सिंह, नौसेना दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर मोहम्मद परवेज और वायु सेना दल की कमान स्क्वाड्रन लीडर वीवी शरवन संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दल की कमान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अभिमन्यु पोसवाल संभालेंगे।
तिरंगे को फहराए जाने के बाद, उसे ‘राष्ट्रीय सलामी’ दी जाएगी। वायु सेना बैंड, जिसमें एक जेसीओ और 25 अन्य रैंक के अधिकारी शामिल होंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और ‘राष्ट्रीय सलामी’ देने के दौरान राष्ट्रगान बजाएगा। बैंड का संचालन जूनियर वारंट ऑफिसर एम डेका करेंगे। पहली बार, 11 अग्निवीर वायु संगीतकार उस बैंड का हिस्सा होंगे जो राष्ट्रगान बजाएगा।
प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के तुरंत बाद, भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर पुष्प वर्षा की जाएगी – एक राष्ट्रीय ध्वज और दूसरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को दर्शाने वाला ध्वज लेकर। हेलीकॉप्टरों के कैप्टन विंग कमांडर विनय पूनिया और विंग कमांडर आदित्य जायसवाल होंगे।





