(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों के प्रोत्साहन और प्रचार-प्रसार के लिए कृषि, उद्यानिकी,पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा आपसी तालमेल से बहुउद्देशीय कृषि मेले आयोजित किए जाएं।साथ ही इन मेलों में किसानों को उनकी फसल सहित अन्य सहायक उत्पादों के लाभ युक्त विक्रय एवं मार्केटिंग की जानकारियां भी दी जाएं। डॉ.यादव ने यहाँ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक को शनिवार रात संबोधित करते हुए यह बात कही। बैठक में उन्होंने कहा कि धार जिले के भैंसोला गांव में निर्मित हो रहे पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के कपास और रेशम उत्पादक किसानों की जीवन रेखा बदल जाएगी। पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने के साथ एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रुचि व्यक्त की है। जिस तेजी से पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए कंपनियां आ रही हैं, यह हमें और बेहतर करने के लिए उत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने से मालवा क्षेत्र के किसानों द्वारा उत्पादित कपास की खपत लोकल लेवल पर ही हो जाएगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और कच्चे माल की आपूर्ति की एक पूरी चैन तैयार होगी। पीएम मित्रा पार्क प्रदेश के किसानों के लिए वरदान की तरह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक सभी निवेशकों को सभी जरूरी मदद और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक/लोकउपक्रमों में निजी भागीदारी से ही देश का विकास संभव है।पीएम मित्रा पार्क में निवेशकों द्वारा किए जाने वाले पूंजी निवेश से जितनी उच्च कोटि के परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, हर संभव प्रयास कर हम यह करके दिखाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कुल सात पीएम मित्रा पार्क मंजूर किए गए हैं। जहां दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए प्राथमिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमारी सरकार 17 सितंबर को धार जिले के भैंसोला गांव में देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्रा पार्क का भूमि पूजन कराने जा रही है।
उन्होंने कहा कि हम इसे देश का मॉडल पीएम मित्रा पार्क बनायेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की कपास उद्योग को पुनर्स्थापित करेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स, होजियरी आइटम्स सहित ऑल वेदर वियरिंग्स तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि देश के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल पार्क (पीएम मित्रा पार्क) में भूमि पूजन होने से पहले ही लैंडएलॉटमेंट की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। पीएम मित्रा पार्क में भूमि आवंटन के लिए 114 कंपनियों के आवेदन मिले थे। इन कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में निवेश करने की प्रबल रुचि व्यक्त कर भूमि आवंटन के लिए के लिए आवेदन किया है। आवेदन करने वाली कंपनियों में से 91 कंपनियों के आवेदन मंजूर कर उन्हें भूमि आवंटित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क में लैंड अलॉटमेंट कमेटी द्वारा विभिन्न कंपनियों और निर्माण इकाइयों को कुल 1294.19 एकड़ भूमि आवंटित करने की अनुशंसा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क में अधोसंरचना विकास के लिए सभी जरूरी निर्माण कार्य जारी हैं। इन निर्माण कार्यों के साथ भूमि आवंटन पाने वाली कंपनियों द्वारा अपने कारखाने और निर्माण इकाइयां भी समानांतर रूप से निर्मित की जाएंगी। इससे आने वाले एक से डेढ़ साल के दौरान ही निवेशक कंपनियों की निर्माण इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो जाएगा।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण तथा सहकारिता अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना भी उपस्थित थे।





