Tuesday, June 2, 2026
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अथक कर्मयोगी, 75 के युवा पीएम मोदी

President Murmu Feeds "Dahi-Cheeni" To PM Modi Ahead Of Swearing-in Ceremony(राजीव ओझा/24×7न्यूजटाइम.काम)

पहले गुजरात के मुख्यमंत्री फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में काम करते नरेन्द्र मोदी जी को करीब 25 वर्ष हो गये हैं लेकिन अभी भी ऊर्जा इतनी कि युवाओं को पीछे छोड़ दें। प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर 2025 को 75 वर्ष के हो गये। कठिनाइयाँ आईं, रुकावटें खड़ी हुईं, लेकिन निरंतर आगे बढ़ते रहना, सफलता हो या असफलता, दोनों ही स्थिति में बिना रुके अनुभव से सीखकर और मजबूत बनकर आगे बढ़ना ही उनका जीवन है। प्रधानमंत्री की यही निरंतरता हमें नई प्रेरणा देती है। ज्योतिषी कहते है पीएम मोदी की कुंडली में बाधाओं पर विजय पाने का प्रबल योग है। दरअसल उनका कर्मयोग ही यह प्रबल योग है। तभी तो पीएम नरेन्द्र मोदी लगातार दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। यह लोकप्रियता 75% के आसपास बनी हुई है। यानी 75 नॉट आउट। बोले तो  75 वर्ष कि आयु में भी ऊर्जा युवाओं जैसी। इस कर्मयोगी का मिशन राष्ट्र की उन्नति है और यही इनका विजन भी है।

PM Modi Personality and Organisational skills, not possible without divine capability, says Rajnath Singh | PM Modi के पास जो सांगठनिक क्षमता है, किसी दैवीय शक्ति के बिना संभव नहीं: राजनाथ सिंह |भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर (जिला मेहसाणा) में हुआ था।

जरा सोचिए आमतौर पर 50 वर्ष की आयु तक पहुंचते पहुंचते व्यक्ति अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर होता और रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर देता लेकिन यहां नरेंद्र मोदी जी ने तो सही मायने में करियर की शुरुआत 50 वर्ष की आयु के आसपास की जब उन्हें गुजरात का  मुख्यमंत्री बनाया गया। मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के पिछले 25 वर्ष उपलब्धियां से भरे रहे हैं और उपलब्धियां बिना चुनौतियों के नहीं होती। इस लिए पीएम नरेंद्र मोदी की बड़ी उपलब्धियों का जिक्र करने से पहले उनके सामने आईं बड़ी चुनौतिया का जिक्र करना जरूरी है।

Modi ji endured silently for 19 years': Amit Shah on Gujarat riots verdict- The Weekभारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती थी कोरोना महामारी। हम भाग्यशाली थे कि उस समय भारत के प्रधानमंत्री थे नरेंद्र मोदी। यह तथ्य भी इतिहास में दर्ज हो चुका है कि देश की 140 करोड़ आबादी का बहुत ही कम समय में सफलता  पूर्वक कोविड टीकाकरण कर पीएम मोफी ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया। इसके अलावा दुसरे देशो को भी कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराई।

Confident that CM Yogi Adityanath will take UP's development to new heights: PM Modi - India News | The Financial Expressइसी तरह 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम नर संहार के बाद मई 2025 में सफल आपरेशन सिन्दूर भी पीएम मोदी की एक बड़ी उपलब्धि है।
गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ आईं। इनमे से कुछ चुनौतियाँ का यहाँ जिक्र जरूरी है-

Delhi to Launch 75 Projects for PM Modi's 75th Birthday in Sewa Pakhwada - The Indian Witnessभारत के प्रधानमंत्री के रूप में 2014 से अब तक की कुछ प्रमुख उपलब्धियां:

-. जन धन योजना – करोड़ों बैंक खाते खोले।

– स्वच्छ भारत मिशन – शौचालय निर्माण और जागरूकता।

– उज्ज्वला योजना – गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन।

-. मेक इन इंडिया – उद्योग व उत्पादन पर जोर।

– डिजिटल इंडिया – डिजिटल भुगतान व सेवाओं को बढ़ावा।

– आयुष्मान भारत – विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना।

-. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू करना फिर उसमें संशोधन।

– सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक – राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत।

– अनुच्छेद 370 हटाना – जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण।

-. सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) पारित।

– आत्मनिर्भर भारत अभियान – लोकल उत्पादन पर बल।

-. G20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी।

– COVID-19 वैक्सीन अभियान – तेज और व्यापक टीकाकरण।

– ऑपरेशन गंगा, कावेरी व सिंदूर – विदेशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी।

– चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 जैसी ऐतिहासिक अंतरिक्ष उपलब्धियों का नेतृत्व।

-आपरेशन सिन्दूर

नरेन्द्र मोदी जी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों पदों पर प्रशासन, विकास, सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नई ऊँचाई दी।

महंगाई पर नियंत्रण, जीडीपी में वृद्धि और उद्योग जगत को नई ऊर्जा — जीएसटी 2.0 केवल टैक्स सुधार नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

नीचे डिफेंस सेक्टर और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ बिन्दुवार दी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:

 डिफेंस सेक्टर की उपलब्धियाँ:

  1. रक्षा उत्पादन में वृद्धि=2014 से अब तक रक्षा उत्पादन में लगभग 174% की वृद्धि हुई है।
  2. रक्षा निर्यात: रक्षा निर्यात में वृद्धि झँकी है — लगभग 34 गुणा बढ़ के 2024-25 में ₹23,622 करोड़ की सीमा पार हुई।

अब भारत कई देशों को हथियार, मिसाइल, रक्षा उपकरण आदि निर्यात कर रहा है।

  1. 3. रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर की स्थापना की गई है।

इससे निवेश आकर्षित हुआ है, कई MoU हुए हैं, उत्पादन केंद्र स्थापित हो रहे हैं।

  1. 4. स्वदेशी रक्षा प्रणालियाँ:आकाश मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल आदि जैसे स्वदेशी हथियारों व प्रणालियों का उपयोग और विकास बढ़ रहा है।
  2. मॉडर्नाइज़ेशन और सुधार: रक्षा खरीद नीति में सुधार किया गया है ताकि स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिले।
  3. नारी सहभागिता एवं संवैधानिक सुधार:रक्षा बलों में महिला अधिकारियों की संख्या तीन गुना बढ़ी; 11,000+ महिला अधिकारी हो गई हैं।

महिलाओं को स्थायी कमीशन प्रदान किया गया।

इसी लिए कहा गया है आसान नहीं होता किसी का प्रधानंमंत्री नरेन्द्र मोदी बन जाना।

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