Tuesday, June 2, 2026
spot_img

भारत 2035 तक एक प्रमुख सेमीकंडक्टर विनिर्माता देश बन जाएगा : वैष्णव

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
दावोस (स्विट्जरलैंड)/नयी दिल्ली। इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश में सेमीकंडक्टर और माइक्रो चिप विनर्माण उद्योग के विकास की दिशा में प्रगति को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि 2025 तक भारत की गिनती सेमीकंडक्टर के क्षेत्र के प्रमुख देशों में होगी।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की दावोस बैठक में भाग लेने गये श्री वैष्णव ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि इस क्षेत्र में देश ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मानव जाति के अब तक के सबसे जटिल कार्यों में से एक है। भारत में इसके लिए बहुत सूक्ष्मता और व्यवस्थित तरीके से विनिर्माण श्रृंखला और पूरे विनिर्माण तंत्र के विकास पर काम किया गया है। उन्होंने कहा देश में योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से पहले 28 नैनोमीटर के चिप से काम की शुरुआत हो रही है। उसके बाद क्रमश: 7 नैनोमीटर, 3 और फिर 2 नैनोमीटर तक जाया जाएगा। उन्होंने कहा, “वर्ष 2035 तक भारत दुनिया के प्रमुख सेमीकंडक्टर देशों में से एक बन जाएगा।”
रेलवे और सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी दायित्व संभाल रहे श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र में जिन 10 कारखानों को लगाने को मंजूरी दी है उनमें चार ने पिछले कुछ महीनों में परीक्षण के तौर पर विनिर्माण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इनमें से एक और अगले महीने के अंतिम सप्ताह में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने जा रहा है। मंत्री ने कहा, ‘ यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।’
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर विनर्माण की जटिलता को चावल के दाने पर लेख से की। उन्होंने कहा, ‘ बचपन में हम चावल के एक दाने पर नाम लिखा करते थे। अब कल्पना कीजिए कि उसी चावल के एक दाने पर पूरी रामायण लिखनी है, पूरा महाभारत लिखना है, सारे वेद लिखने हैं, सारे पुराण लिखने हैं और गीता भी उसी पर लिखनी है। यानी इतना सूक्ष्म और अत्यंत बारीक काम। सेमीकंडक्टर उद्योग में इसी स्तर की सटीकता की आवश्यकता होती है।”

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles