Tuesday, June 2, 2026
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कानपुर मेट्रो की टनल में ट्रेनों का सफल कॉलिजन टेस्ट

कानपुर(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के अंतर्गत शेष सेक्शन कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक यात्री सेवा विस्तार की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इसी क्रम में टनल के अंदर मेट्रो ट्रेनों का सफल कॉलिजन टेस्ट किया गया। परीक्षण के दौरान एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आमने-सामने लाकर सिग्नलिंग प्रणाली की कार्यक्षमता को परखा गया।
यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार कानपुर मेट्रो की अत्याधुनिक ट्रेनें ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड में कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) सिग्नलिंग प्रणाली के माध्यम से संचालित होती हैं। इस तकनीक में अधिकांश संचालन प्रक्रिया स्वचालित होने से मानवीय भूल की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।
टेस्टिंग प्रक्रिया के तहत दो ट्रेनों को एक ही लाइन पर फुल स्पीड में आमने-सामने चलाया गया। जैसे ही दोनों ट्रेनें 20 मीटर की निर्धारित सुरक्षित दूरी तक पहुंचीं, बिना किसी ट्रेन ऑपरेटर के हस्तक्षेप के दोनों ट्रेनों में स्वतः ब्रेक लग गए और ट्रेनें रुक गईं। इस दौरान सिग्नलिंग विभाग के अपर महाप्रबंधक दीपक पांडेय सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इससे पहले ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) मोड पर भी ट्रेनों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। दोनों ट्रैकों पर ट्रेनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति से चलाकर हाई स्पीड टेस्ट और स्पीड ब्रेक टेस्ट भी किए गए हैं। स्पीड ब्रेक टेस्ट के दौरान ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम की क्षमता का परीक्षण किया जाता है।
यूपीएमआरसी ने सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र जांच के लिए एक विदेशी एजेंसी को भी नियुक्त किया है। एजेंसी के प्रतिनिधियों ने अधिकतम गति, सिग्नलिंग इंस्टॉलेशन और ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी सहित सभी तकनीकी मानकों की जांच कर व्यवस्था को संतोषजनक पाया है।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि सुरक्षा मानकों के तहत लो और हाई स्पीड टेस्ट, स्पीड ब्रेकिंग टेस्ट तथा कॉलिजन टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर मेट्रो ने निर्माण के दौरान कई चुनौतियों को पार करते हुए शहर के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने बताया कि कॉरिडोर-1 के शेष सेक्शन के साथ-साथ कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में मेट्रो सेवा शहर के व्यस्त इलाकों में यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी।

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