चेन्नई,(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके ) के संस्थापक-अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद अपनी पहली यात्रा पर बुधवार को नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए। श्री विजय वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। राज्य में पहली बार गठबंधन सरकार का दौर शुरू होने के दो हफ़्ते बाद हुई इस यात्रा को राजनीतिक रूप से काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्री विजय अपनी इस यात्रा के दौरान श्री मोदी सहित विभिन्न नेताओं से मिलेंगे और राज्य की ज़रूरतों के संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में वह विभिन्न परियोजनाओं के लिए धन आवंटन और स्कूल शिक्षा विभाग के लिए सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) सहित विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाले बकाया धन को जारी करने की मांग करेंगे, क्योंकि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद चार जून से विद्यालय फिर से खुलने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, श्री मोदी के आवास पर होने वाली यह बैठक शाम 4.00 बजे निर्धारित है। श्री विजय ने 10 मई को 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके तीन दिन बाद, उन्होंने राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया। उन्होंने विपक्षी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी दलों से समर्थन जुटाकर और अन्ना द्रमुक के बागी गुट के 25 विधायकों का समर्थन हासिल करके आवश्यक संख्या बल पूरा किया और अपना बहुमत साबित किया।
श्री विजय की इस जीत ने राज्य में एक बड़े और महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव की शुरुआत की। इसने लोगों की लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव की इच्छा को पूरा किया और पिछले छह दशकों से चली आ रही द्रविड़ राजनीति की दो-ध्रुवीय वर्चस्व को समाप्त कर दिया। पहली बार मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद श्री विजय प्रोटोकॉल के अनुसार, राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाक़ात करेंगे। एक शिष्टाचार भेंट के तौर पर वह गठबंधन दलों के नेताओं से भी मिलेंगे, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्टा पार्टी (माकपा) के नेता शामिल हैं। इन दलों की राज्य इकाइयाँ तमिलनाडु में सरकार को बाहर से समर्थन दे रही हैं।





