विदिशा जिले में हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई”
(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
विदिशा। मुख्यमंत्री के नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्वच्छता, उपलब्धता और गुणवत्त सम्बंधि कार्यों की कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने समीक्षा कर कहा कि स्वच्छ पेयजल आपू्र्ति में लापरवाही क्षम्य नही होगी। समीक्षा बैठक में उन्होंने कहाकि अब हर मंगलवार ‘जल सुनवाई’ हुआ करेगी। कलेक्टर ने सम्पादित कार्यो की पृथक से समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री द्वारा आहूत वीसी समीक्षा बैठक के दौरान एन आई सी व्हीसी कक्ष में विदिशा नगरपालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा, कुरवाई नगर परिषद के अध्यक्ष समेत अन्य जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने जिला स्तरीय कार्यों की समीक्षा बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के महती उद्देश्य के के लिए प्रदेश व्यापी “स्वच्छ जल अभियान” 10 जनवरी से शुरू हुआ है। “जल सुनवाई” से आम जनता को मिलेगा सुनवाई का हक और होगी साफ पेयजल की सुनिश्चितता अभियान के क्रियान्वयन के लिये जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का लक्ष्य दो चरणों में अभियान का क्रियान्वयन (प्रथम 10 जनवरी से 28 फरवरी, द्वितीय 1 मार्च से 31 मई तक क्रियान्वित किया जाएगा।
अभियान के तहत समस्त जल शोधन यन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी, पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई, जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी, इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण।
अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य को करेंगें पूरा जल की गुणवत्ता का नियमित होगा परीक्षण एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई” 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समयसीमा में, निराकरण से आवेदक को कराया जायेगा अवगत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा वीसी में दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि हमारी जबावदारी है कि हम साफ जल घर-घर तक पहुँचायें तकनीक का उपयोग करते हेतू जबावदारी का निर्वहन करेंगें पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाये किसी भी स्थित में दूषित पेयजल सप्लाई न हो जल सुनवाई का गंभीरता से आयोजन हो बडी चुनौती है, लेकिन गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगें. अभियान के क्रियान्वयन मे लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुध्द होगी कड़ी कारवाई की जाएगी।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकाय प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षित अमले एवं आवश्यक रसायनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि जल गुणवत्ता की नियमित जांच में किसी प्रकार की कमी न रहे।
कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि जिले की प्रत्येक पेयजल टंकी की सफाई वर्ष में कम से कम दो बार अनिवार्य रूप से की जाए तथा टंकी पर सफाई की दिनांक स्पष्ट रूप से अंकित की जाए। इसके अतिरिक्त जिले के सभी हैंडपंपों के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण में सुरक्षित पेयजल प्राप्त हो सके।





