धार (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने आज धार स्थित भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की और कहा कि भोजशाला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि सदियों पुरानी जीवंत संस्कृति, विद्वता और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। उन्होंने धार में “वाग्देवी लोक” और “राजा भोज शोध संस्थान” स्थापित करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री एक दिवसीय दौरे पर धार पहुंचे थे। हेलिपेड से सीधे भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री का भोज उत्सव समिति और जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद पहली बार भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री ने मां वाग्देवी के चित्र का विधि-विधान से पूजन किया और आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजशाला राजा भोज के काल से शिक्षा, कला, साहित्य और सनातन चेतना का महान केंद्र रही है। मां वाग्देवी की कृपा से यह भूमि सदैव ज्ञान के प्रकाश से आलोकित रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों के मूल स्वरूप के संरक्षण तथा उनके गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का भी विस्तार हो रहा है। आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें, इसके लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। मोतीबाग चौक पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर राम मंदिर का निर्माण हुआ और उसी प्रकार मध्यप्रदेश में उच्च न्यायालय के निर्णय के आधार पर लगभग 750 वर्षों बाद भोजशाला में दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसे लोगों ने सौहार्द के साथ स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री ने भोजशाला परिसर में “वाग्देवी लोक” विकसित किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे पुरातत्व संग्रहालय और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जिले में “राजा भोज शोध संस्थान” स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राजा भोज साहित्य और विद्या के महान संरक्षक थे। उनके समय में कवियों और साहित्यकारों को संरक्षण दिया जाता था तथा उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित किया जाता था। उन्होंने राजा भोज के समय की जल संरक्षण प्रणाली और प्राचीन इंजीनियरिंग की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके कार्य आज भी प्रेरणादायी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत धार जिला प्रदेश में छठवें स्थान पर है। जिले में लगभग 2500 करोड़ रुपए की लागत से दो लाख 82 हजार से अधिक कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें कुओं का रिचार्ज, खेत तालाब, अमृत सरोवर और जल संरक्षण से जुड़े अन्य कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में भोजशाला आंदोलन के दौरान शहीद हुए तीन कारसेवकों के परिजनों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने बनसिंह अमझेरा, अंतरसिंह और लक्ष्मण सिंह पंचघाटी के परिजनों को शॉल-श्रीफल और मां वाग्देवी का स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया तथा प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जिले में 88 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण किया गया तथा एक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बालक के उपचार के लिए सहायता स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक नीना वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।





