Tuesday, June 2, 2026
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ब्लू ड्रम बना मर्डर का नया जरिया, लखनऊ सहित कई जिलों में खौफनाक पैटर्न से सनसनी

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नीले प्लास्टिक ड्रम में शव छिपाकर हत्या करने की घटनाओं ने सनसनी फैला दी है। लखनऊ, मेरठ और झांसी सहित कई जिलों में सामने आए ऐसे मामलों ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आने से पुलिस और जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
ताजा मामला लखनऊ के आशियाना इलाके का है। जहां एक युवक को अपने पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मृतक मानवेंद्र प्रताप सिंह स्थानीय व्यवसायी थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटे ने विवाद के दौरान पिता को गोली मार दी। इसके बाद उसने शव के टुकड़े कर घर के अंदर ही एक बड़े नीले ड्रम में छिपा दिया, ताकि घटना को छिपाया जा सके। मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के बयान संदिग्ध लगे। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से ड्रम और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है।
इस घटना के बाद मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड की याद ताजा हो गई है। वर्ष 2025 में पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि दोनों ने शव को टुकड़ों में काटकर सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया था। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
वहीं झांसी में पुलिस ने सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी राम सिंह को अपनी कथित प्रेमिका प्रीति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। बताया गया कि पैसों को लेकर विवाद के बाद आरोपी ने हत्या कर दी और शव को जलाकर उसके अवशेष ड्रम और ट्रंक में रख दिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब सामान ले जा रहे वाहन चालक को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी।
इसी तरह राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में किराए के मकान की छत पर एक नीले ड्रम में शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान हंसराज उर्फ सूरज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, शव पर नमक डालकर उसे छिपाने की कोशिश की गई थी। मृतक की पत्नी, बच्चे और मकान मालिक का बेटा लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पंजाब के लुधियाना में भी एक खाली प्लॉट में पड़े नीले ड्रम से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। शव को कपड़े और प्लास्टिक में लपेटकर ड्रम में रखा गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन सभी मामलों को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव छिपाने के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल एक समान तरीका होने के कारण इन घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक इन सभी मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी मामलों की गहन जांच कर रही है।
वहीं वैज्ञानिक पहलू को देखें तो नीला प्लास्टिक ड्रम आमतौर पर हाई-डेंसिटी पॉलीएथिलीन (एचडीपीई) से बना होता है और इसका उपयोग औद्योगिक, रासायनिक, खाद्य और स्टोरेज कार्यों में व्यापक रूप से किया जाता है। गिरने या हल्के झटकों से आसानी से नहीं टूटता और एसिड, केमिकल, तेल और पानी से खराब नहीं होता। इसमें जंग नहीं लगता, इसलिए धातु के ड्रम से बेहतर माना जाता है। नीला रंग इंडस्ट्रियल स्टैंडर्ड माना जाता है। इससे आसानी से पहचान हो जाती है कि यह केमिकल स्टोरेज ड्रम है।

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