भोपाल/ इंदौर/बैतूल,(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। गर्मी की बढ़ती तपिश के चलते मध्य प्रदेश में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस का आंदोलन पूरे प्रदेश में तेज होता जा रहा है, भोपाल इंदौर और बैतूल समेत कई जिलों में आज भी कांग्रेस ने जल संकट को लेकर मटकी फोड़ आंदोलन किया। मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में गहराते पेयजल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर खाली मटके फोड़कर विरोध जताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लल्ली चौक से नगर पालिका कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय के सामने खाली मटके फोड़े। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे को प्रतीकात्मक रूप से एक खाली मटका भी भेंट किया। प्रदर्शन में करीब एक सैकड़ा कांग्रेस कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस पदाधिकारी और पार्षद शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दिवान, पार्षद नफीस खान, बब्बा राठौर, समीर खान और हर्षवर्धन धोटे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। महिला कांग्रेस की शहर जिलाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि नलजल योजनाओं, लाखापुर डैम योजना, अमृत-2 योजना और ताप्ती बैराज जैसी परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि शहर के कई वार्डों में चार से पांच दिन के अंतराल से पानी मिल रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सात से आठ दिन बाद जलापूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने पाइप लाइनों की खराब स्थिति, क्षतिग्रस्त संरचनाओं और खाली पेयजल टंकियों को नगर पालिका की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शहर में एक दिन के अंतराल से पर्याप्त पानी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंटेकवेल पर लगी तीन मोटरों में से दो मोटर खराब होने से कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब मोटरों की मरम्मत हो चुकी है और एक-दो दिन में जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।





