(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंगलवार को ड्रोन के नियमन तथा इससे संबंधित अन्य पहलुओं पर नये विधेयक का मसौदा जारी कर उस पर सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किया है।
मसौदा नागर ड्रोन (संवर्धन एवं विनियमन) विधेयक, 2025 में नियमों का उल्लंघन करने पर जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि हर ड्रोन का यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) होना जरूरी है। साथ ही उसमें संबंधित प्राधिकरण द्वारा तय नियमों के अनुसार सुरक्षा मानक भी होने चाहिये।
केंद्र और राज्य सरकारों तथा उनके द्वारा प्राधिकृत एजेंसियों के पास किसी क्षेत्र को ड्रोन के संचालन के लिए रेड जोन या येलो जोन घोषित करने का अधिकार होगा। रेड जोन में ड्रोन उड़ाने से पहले केंद्र सरकार और रेड जोन घोषित करने वाली एजेंसी से और येलो जोन के लिए उस इलाके के एटीसी अधिकारी से अनुमति की आवश्यकता होगी। इस नियम का उल्लंघन संज्ञेय एवं समझौते की संभावना से परे अपराध माना जायेगा जिसके लिए तीन साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
साथ ही हर ड्रोन के साथ तीसरे पक्ष का बीमा भी अनिवार्य होगा। यदि ड्रोन के कारण हुई किसी दुर्घटना में किसी की जान चली जाती है तो उसके वैध वारिस को ढाई लाख रुपये का हर्जाना बीमा कंपनी देगा। गंभीर रूप से चोटिल होने वाले को एक लाख रुपये का हर्जाना मिलेगा। हर्जाने के लिए आवेदन घटना के छह महीने के अंदर देना होगा। इसके लिए मोटर दुर्घटना दावा ट्राइब्यूनल को दावा प्राधिकरण नियुक्त किया जायेगा और उसके पास सिविल कोर्ट के अधिकार होंगे।





