Saturday, June 13, 2026
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पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की जमानत खारिज करने संबंधी याचिका पर सुनवाई अप्रैल तक टली

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देवघर चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मिली जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अपील पर सुनवाई को अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया है।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें श्री यादव की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत दी गई थी।
सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने सजा निलंबित करते समय कानून को गलत अर्थ में देखा है। उन्होंने दलील दी कि यह विधि का प्रश्न है और इसका पालन किया जाना चाहिए था, लेकिन कानून का उल्लंघन कर सजा निलंबित की गई है। इसलिए अदालत का आदेश अवैध है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जमानत दोषसिद्धि के बाद दी गई है।
श्री यादव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि कई सह-आरोपियों ने अभी तक इस मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों को नोटिस भी नहीं मिले हैं, इसलिए इतनी जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।
इस पर पीठ ने कहा कि वे जानते हैं कि यह विशेष अनुमति याचिका क्या है और इसका परिणाम क्या हो सकता है। पीठ ने कहा कि वे अपील के निपटारे के लिए एक तारीख तय कर सकते हैं और सभी जानते हैं कि इसमें कानून का प्रश्न क्या है। साथ ही न्यायालय ने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति अब काफी वृद्ध हो चुके हैं। इस मामले के आरोपी अब 60, 70 और यहां तक कि 80 वर्ष की आयु के हो चुके हैं।
न्यायालय ने अंततः मामले की सुनवाई अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी। पीठ ने निर्देश दिया कि फाइलें काफी समय से लंबित हैं, इसलिए अप्रैल की तारीख दी जाएगी और जिन मामलों में प्रतिवादी की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि श्री यादव को उनके मुख्यमंत्री काल के दौरान 1991 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख रुपये की धोखाधड़ी से निकासी से जुड़ी आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के मामले में दिसंबर 2017 में दोषी ठहराया गया था। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत दिए जाने के बाद सीबीआई ने इसे उच्चतम अदालत में चुनौती दी है।

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