Tuesday, June 2, 2026
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उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत खंड पर दौड़ेगी हाइड्रोजन फ़्यूल सेल-आधारित ट्रेन, रेलवे ने दी मंजूरी

नयी दिल्ली (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। उत्तर रेलवे के जींद-सोनीपत खंड पर अब 10-कोच वाली हाइड्रोजन फ़्यूल सेल-आधारित ट्रेन दौड़ेगी। रेलवे ने इस हरित और टिकाऊ परिवहन की दिशा में उदम उठाते हुए इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है।रेलवे ने बुधवार को बताया कि यह ट्रेन जल्द ही शुरू रेल पटरियों पर दौड़ने लगेगी और 1200 केवी हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित होकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलेगी। रेलवे के अनुसार हाइड्रोजन फ़्यूल सेल तकनीक एक रासायनिक प्रतिक्रिया के ज़रिए बिजली पैदा करती है, जिसमें एकमात्र उत्सर्जन जलवाष्प होता है। इस तरह यह पारंपरिक जीवाश्म ईंधन-आधारित ट्रैक्शन सिस्टम का एक स्वच्छ विकल्प है। हाइड्रोजन-आधारित रेल प्रणालियों को दुनिया भर में टिकाऊ गतिशीलता के लिए एक आशाजनक समाधान के रूप में पहचाना जा रहा है। इस पहल के साथ भारत जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों की कतार में शामिल हो गया है, जो स्वच्छ रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन के इस्तेमाल की संभावनाएँ तलाश रहे हैं। रलवे ने बताया है कि यह तकनीक अभी भी शुरुआती चरण में है, इसलिए वर्तमान में केवल कुछ ही देश ऐसी प्रणालियों का परिचालन या परीक्षण कर रहे हैं।
रेलवे ने बताया है कि हरियाणा में जींद-सोनीपत खंड को इन परिचालनों के लिए पायलट मार्ग के रूप में चुना गया है। इस ट्रेन के लिए जींद में एक स्वदेशी हाइड्रोजन भंडारण और रीफ़्यूलिंग सुविधा स्थापित की गयी है। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) ने इस स्थल पर संपीड़ित हाइड्रोजन गैस के भंडारण और वितरण के लिए आवश्यक लाइसेंस प्रदान कर दिया है।रेलवे ने बताया कि रीफ़्यूलिंग कार्यों के लिए एक हाइड्रोजन संपीड़न प्रणाली उपलब्ध कराई गयी है। साथ ही विश्वसनीय और सुरक्षित कामकाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता और महत्वपूर्ण अतिरिक्त पुर्ज़े भी उपलब्ध कराए गए हैं। एक अतिरिक्त कंप्रेसर इकाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और वितरण सुविधा पर स्थापित विभिन्न सुरक्षा सेंसर, जिनमें हाइड्रोजन रिसाव डिटेक्टर और लौ डिटेक्टर शामिल हैं, का नियमित रूप से निरीक्षण और सफ़ाई की जाएगी ताकि धूल जमा न हो और सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित हो सके।
रेलवे के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन और हाइड्रोजन संयंत्र के लिए परिचालन और रखरखाव नियमावली, जिन्हें अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा विधिवत अनुमोदित किया गया है, उसे भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। शकूरबस्ती में प्रस्तावित रखरखाव सुविधा के लिए ज़रूरी सुरक्षा उपाय, नियमित ऑडिट और मानक संचालन प्रक्रियाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है।

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