Tuesday, June 2, 2026
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सफलता के शॉर्टकट पर मैंने कभी भरोसा नहीं किया : शीना चौहन

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
मुंबई । अभिनेत्री शीना चौहान का कहना है कि सफलता के लिये शॉर्टकट पर उन्होने कभी भरोसा नहीं किया है। शीना चौहान का फिल्मी सफर किसी रातों-रात मिली सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उनकी लगन, जुनून और अपने काम के प्रति अटूट समर्पण पर आधारित है। अरविंद गौड़ के निर्देशन में पांच वर्षों के गहन रंगमंच प्रशिक्षण से उन्होंने वह अनुशासन और प्रामाणिकता विकसित की, जिसने उनके करियर की नींव रखी। बचपन में पिता को खोने के बाद एक सिंगल मदर द्वारा पाली गई शीना ने बिना किसी गॉडफादर के उद्योग में अपना रास्ता खुद बनाया। उनका फिल्मी सफर साउथ इंडस्ट्री में मम्मुट्टी के साथ डेब्यू से शुरू हुआ, फिर बांग्ला सिनेमा में बुद्धदेब दासगुप्ता के साथ, और आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र फिल्मों तक पहुँचा, जहाँ उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नामांकन मिला और उनकी फिल्में नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुईं।उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें काजोल और माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गजों के साथ काम करने का अवसर दिया। हाल ही में उन्होंने अपने हिंदी डेब्यू संत तुकाराम में सुबोध भावे के साथ मुख्य भूमिका निभाई । एक किरदार जिसे उन्होंने उसी जुनून, समर्पण और गहराई से निभाया, जो उनके पूरे सफर की पहचान है। शीना चौहान ने कहा,“मेरे लिए हर भूमिका एक नया संसार है जिसमें मैं पूरी तरह डूब जाती हूँ। सफलता के शॉर्टकट पर मैंने कभी भरोसा नहीं किया।मेरे लिए यह हमेशा धैर्य, पेशेवराना रवैया और उद्देश्य के बारे में रहा है।” आज शीना का करियर टॉलीवुड, बांग्ला सिनेमा, बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक फैला हुआ है।वह यूनाइटेड फॉर ह्यूमन राइट्स की दक्षिण एशिया की एंबेसडर हैं और मानवाधिकार जागरूकता का संदेश 17 करोड़ लोगों तक पहुँचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा हीरो अवॉर्ड पाने वाली अकेली भारतीय अभिनेत्री हैं।उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि असली सफलता किस्मत से नहीं बल्कि दृढ़ता, दक्षता और समर्पण से मिलती है।

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