(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
विदिशा। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2026 में प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर नवाचार आधारित कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अब केवल पारंपरिक तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिकारी स्वयं पहल करते हुए विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों में नवीन प्रयोग अपनाएं।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई एवं विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि लंबित आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निपटाएं, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। श्री गुप्ता ने कहा कि नवाचार के माध्यम से शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए तकनीक का उपयोग, स्थानीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और विभागों के बीच समन्वय को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विभाग में कम से कम एक ऐसा अभिनव मॉडल विकसित करें, जिसे जिले में उदाहरण के रूप में लागू किया जा सके।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा फील्ड विजिट बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन जमीनी स्तर पर जाकर ही संभव है। समीक्षा के दौरान संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई। कलेक्टर ने दोहराया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाना है। नवाचार, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य कर ही जिले के समग्र विकास को नई दिशा दी जा सकती है। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।





