Tuesday, June 2, 2026
spot_img

जी राम जी बिल पर बोले मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव प्रधानमंत्री ने देश की चार प्रमुख जातियां बताईं, इन्हीं के उत्थान को सरकार की प्राथमिकता

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के माध्यम से मीडिया से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की चार प्रमुख जातियां बताई हैं, जिनमें गरीब, युवा, किसान और महिलाएं शामिल हैं। इन्हीं वर्गों के उत्थान को केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को किसान वर्ष के रूप में मनाएगी, जबकि वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। किसानों के कल्याण को लेकर सरकार गंभीर है और इसी क्रम में शीघ्र ही एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी।
डॉ. यादव ने बताया कि इस बैठक में देश के अन्य राज्यों से कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा। किसानों के हित में व्यापक विचार-विमर्श के बाद ठोस और प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे, ताकि कृषि और किसान दोनों को लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘जी राम जी योजना’ को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह योजना रोजगार आधारित कार्यों के लिए शुरू की गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने छह माह के भीतर इस योजना को राज्य में अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत राज्य सरकार शीघ्र ही इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मजदूरों को काम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इसमें जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत मजदूरों को 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूरी की नई दरें केंद्र सरकार द्वारा तय की जाएंगी और तब तक मनरेगा की वर्तमान दरों के अनुसार ही मजदूरी दी जाती रहेगी।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ‘जी राम जी योजना’ को लेकर कांग्रेस द्वारा जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जब खेती का कार्य हो, तब किसान खेती कर सकें और जब मजदूरी का कार्य उपलब्ध हो, तब किसान और मजदूर मजदूरी कर सकें। योजना के तहत आवश्यकता के अनुसार मजदूरों से काम कराया जाएगा।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles