Tuesday, June 2, 2026
spot_img

ममता, अभिषेक ने फाल्टा चुनाव में चुनावी हेरफेर का आरोप लगाया

कोलकाता (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में बड़े पैमाने पर चुनावी हेरफेर, डेटा हैकिंग और गड़बड़ियों का आरोप लगाया।
इस उपचुनाव में भाजपा ने 1.09 लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। गत चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के करीब 20 दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक के जरिए समर्थकों को संबोधित किया और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
सुश्री बनर्जी ने पूछा, “क्या यह सचमुच कोई चुनाव था या महज एक ढोंग?” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने चुनावी डेटा में हेरफेर किया है।
तृणमूल कांग्रेस के 220 से 230 विधानसभा सीटें जीतने की उम्मीद जताते हुए सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि जनमत को ‘पलट’ दिया गया है। भाजपा का सीधा नाम लिए बिना उन्होंने केंद्र की सत्ताधारी व्यवस्था पर पूरे राज्य में डर और धमकी का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग डरे हुए हैं। कुछ लोग अपनी नौकरी खोने को लेकर चिंतित हैं, तो कुछ अपने व्यवसाय को लेकर।” हालिया प्रशासनिक कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद तृणमूल के हजारों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और फेरीवालों की आजीविका के साधन छीन लिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर पार्टी कार्यालयों को ध्वस्त करने और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए सुश्री बनर्जी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी रिपोर्टों तक पहुंच मांगी। उन्होंने कहा, “हमें ईवीएम मशीन की रिपोर्ट चाहिए। कानून सबके लिए बराबर है। अगर आप सचमुच निष्पक्ष रूप से जीते होते, तो ऐसे उत्पीड़न की कोई जरूरत नहीं होती।”
सुश्री बनर्जी ने अपने जनसंवाद की रणनीति में बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि वह अब पारंपरिक मीडिया मंचों से बात नहीं करेंगी और इसके बजाय जनता को संबोधित करने के लिए मुख्य रूप से फेसबुक का उपयोग करेंगी। उन्होंने कहा, “मेरा हथियार मेरा फेसबुक है।”
मुख्यमंत्री ने चुनिंदा प्रशासनिक कार्रवाइयों और सार्वजनिक अभिव्यक्ति पर लगाए गए प्रतिबंधों पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
इस बीच, अभिषेक बनर्जी ने फाल्टा उपचुनाव में मतगणना की गति और संचालन पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को मतगणना के सभी 21 दौर दोपहर 3.30 बजे तक पूरे कर लिए गए, जबकि चार मई को विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में इसी समय तक केवल दो से चार दौर की गिनती ही पूरी हो सकी थी।
श्री बनर्जी ने कहा, “चुनाव आयोग को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि फाल्टा में पार्टी के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को पिछले 10 दिनों में अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल का स्पष्ट संदर्भ देते हुए श्री बनर्जी ने एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किए जाने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकारी का इस्तेमाल पहले चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने और मतदाता प्रबंधन में गड़बड़ी करके चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए किया गया था।
मतगणना प्रक्रिया पर और चिंता जताते हुए श्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि चार मई को चुनाव आयोग के तहत तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों द्वारा भाजपा के अलावा अन्य राजनीतिक दलों के काउंटिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों से बाहर खदेड़ दिया गया था। इन आरोपों को ‘गंभीर रूप से चिंताजनक’ बताते हुए उन्होंने मांग की कि मतगणना प्रक्रिया की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए और गड़बड़ियों में शामिल अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए।
तृणमूल नेता ने कहा, “जब तक दागी अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती और सीसीटीवी फुटेज जारी नहीं की जाती, तब तक इस जनादेश की विश्वसनीयता पर सवाल और मजबूत होते जाएंगे। सत्य को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।”

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles