(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘चलो जीते हैं’ का देशभर में दोबारा प्रदर्शन किया जायेगा। यह फिल्म अब लाखों स्कूलों और देश भर के लगभग 500 सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने विज्ञप्ति में मंगलवार को यह जानकारी दी।
इसमें कहा गया है कि यह वर्ष 2018 की सबसे अधिक देखी जाने वाली लघु फिल्मों में से एक है। इस पुनः प्रदर्शन के उपलक्ष्य में, ‘चलो जीते हैं: सेवा का सम्मान’ पहल भी शुरू की जा रही है। इसके अंतर्गत, स्कूलों और समाज के चौकीदार, सफाई कर्मचारी, ड्राइवर, चपरासी और अन्य लोग जो दैनिक जीवन के सुचारू संचालन में शांतिपूर्वक योगदान देते हैं, उनको सम्मानित किया जाएगा। ये समारोह फिल्म के शो के बाद आयोजित होंगे।
यह फिल्म प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन के बचपन की एक घटना से प्रेरित है। यह युवा नारू की कहानी है, जो स्वामी विवेकानंद के दर्शन से गहराई से प्रभावित होकर, उसका अर्थ समझने का प्रयास करता है और अपनी छोटी सी दुनिया में बदलाव लाने का प्रयास करता है।
पारिवारिक मूल्यों पर आधारित सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, “चलो जीते हैं” दर्शकों के दिलों में आज भी अपनी जगह बनाए हुए है। मंगेश हदावले द्वारा निर्देशित और आनंद एल. राय तथा महावीर जैन द्वारा प्रस्तुत, दूसरों के लिए जीने का यह फिल्म का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि पहली बार प्रदर्शित होने पर था। अब इसका विशेष पुनः-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के प्रेरक जीवन और दर्शन को और आगे ले जाने का प्रयास है।
स्कूलों में फिल्म का प्रदर्शन इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि फिल्म का संदेश विद्यार्थियों के दिलों में गूंजे और उन्हें उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करे।





