Tuesday, June 2, 2026
spot_img

लाेकतांत्रिक व्यवस्था को अपवित्र करने पर उतारु है भाजपा: अखिलेश

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं की मसौदा सूची पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाते हुये आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया में धांधली करना चाहती है। उन्होने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा दोबारा फर्जी वोट बनाने में लगी है और लोकतांत्रिक व्यवस्था अपवित्र करने पर उतावली है।भाजपा के लोगों ने अगर वोट बनाने में हेराफेरी की तो फर्जी वोट बनवाने वालों, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जायेगी। एफआईआर का प्रारूप समाजवादी पार्टी के सभी बीएलए और बूथ प्रभारियों को भेजा जा रहा है।
श्री यादव ने पार्टी के प्रदेश दफ्तर में विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता एकजुट होकर घर-घर जाएं और लोगों से संपर्क कर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को बताएं। श्री यादव ने प्रदेश की सम्मानित जनता से भाजपा की साजिशों से सावधान रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और मतदाता भाजपा के साथ नहीं है। भाजपा भूमाफिया की भूमिका में है। प्रदेश भर में सरकारी और गरीबों की जमीनों पर भाजपाई अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। हर विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है। भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार की इन्तिहा कर दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का पता नहीं चलेगा।
श्री यादव ने कहा कि मतदाता सूची के लिए किया जा रहा एस.आई.आर. ही एन.आर.सी. है। जो काम गृह मंत्रालय का था उसे भाजपा सरकार चुनाव आयोग से करा रही है। एस.आई.आर. के बाद भी मतदाता सूची में तमाम खामियाँ सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि चार करोड़ वोट कट रहे हैं। भाजपा मतदाता सूची में हेराफेरी का प्रयास कर रही है। मतदाता सूची को लेकर केन्द्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में भारी अंतर है। केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची में 12 करोड़ 56 लाख मतदाता है वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में 12 करोड़ 69 लाख मतदाता तो सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में है। इसमें शहरी मतदाताओं की संख्या जोड़ने पर कुल वोटर 17 करोड़ से ज्यादा हो रहे है। आखिर ऐसा कैसे हो रहा है कि मतदाता सूची बनाने वाले बी.एल.ओ. और अधिकारी-कर्मचारी जब वही है तो मतदाताओं की संख्या का आंकड़ा अलग-अलग क्यों है ।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles